सदर व अनुमंडलीय अस्पतालों में हर दिन होगा बंध्याकरण ऑपरेशन

बिहारशरीफ : परिवार कल्याण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अब प्रत्येक दिन सदर अस्पताल से लेकर रेफरल अस्पताल तक बंध्याकरण व नसबंदी का ऑपरेशन किया जायेगा. इसके अलावा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हर सप्ताह दो दिन बंध्याकरण के ऑपरेशन की व्यवस्था की जायेगी. इस कार्य को अमलीजामा पहनाने में जिला स्वास्थ्य विभाग […]

बिहारशरीफ : परिवार कल्याण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अब प्रत्येक दिन सदर अस्पताल से लेकर रेफरल अस्पताल तक बंध्याकरण व नसबंदी का ऑपरेशन किया जायेगा. इसके अलावा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हर सप्ताह दो दिन बंध्याकरण के ऑपरेशन की व्यवस्था की जायेगी. इस कार्य को अमलीजामा पहनाने में जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से जुट गया है. सिविल सर्जन ने इस महत्वपूर्ण कार्ययोजना को धरातल पर उतारने के लिए जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को इसकी मुकम्मल व्यवस्था करने की हिदायत दी है.

सुविधा के अनुसार दिन तय करेंगे प्रभारी : बंध्याकरण एवं नसबंदी के ऑपरेशन करने के लिए जिले के प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सप्ताह में मंगलवार या गुरुवार के दिन निर्धारित करेंगे या फिर अपनी सुविधा के अनुसार दिन का निर्धारण कर सकेंगे. फिक्स डे सर्विस के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा. सरकार की योजना है कि परिवार कल्याण कार्यक्रम को गांव-कस्बों तक सफल बनाया जाये. इस उद्देश्य से प्रत्येक सप्ताह पीएचसी स्तर पर सप्ताह में दो दिन ऑपरेशन किये जायेंगे. इस महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने का निर्देश सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को दिया गया है.
इच्छुक लाभुकों का होगा निबंधन:
परिवार कल्याण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए इच्छुक लाभुकों का पहले ही ऑपरेशन के लिए पंजीयन किया जायेगा. निबंधित इच्छुक लाभुकों का ही बंध्याकरण एवं नसबंदी का ऑपरेशन किया जायेगा. अस्पताल के ऑपरेशन कक्ष (ओटी) चिकित्सीय उपकरणों से पूरी तरह से बराबर लैस रहेगा. विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ऑपरेशन किया जायेगा. लाभुकों को बंध्याकरण एवं नसबंदी का ऑपरेशन नि:शुल्क किया जायेगा.
प्रचार-प्रसार की जिम्मेवारी आशा व एएनएम की होगी : जिले के प्रत्येक पीएचसी में आशा दिवस के अवसर पर आशा व एएनएम को कार्यक्रम की सफलता की जिम्मेवारी सौंपी जायेगी.
मासिक बैठक में प्रभारियों द्वारा उन्हें गांव-कस्बों में इस कार्यक्रम की जानकारी देने के लिए कहा जायेगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहनेवाले लाभुक कार्यक्रम की जानकारी प्राप्त कर सजगतापूर्वक ऑपरेशन करा सकें. लाभुकों का निबंधन कर माइक्रोप्लान बनाकर कार्यक्रम को सफल बनायेंगे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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