जिले के 41 गांवों में किया गया डीडीटी का छिड़काव

कालाजार की रोकथाम के लिए चलाया गया अभियान बिहारशरीफ : जिले में डीडीटी छिड़काव का कार्य पूरा कर लिया गया है. कालाजार की रोकथाम व बचाव के लिए जिले में डीडीटी का छिड़काव किया गया है. जिला मलेरिया विभाग की ओर से जिले के 12 प्रखंडों के चयनित कुल 41 गांवों में डीडीटी का छिड़काव […]

कालाजार की रोकथाम के लिए चलाया गया अभियान

बिहारशरीफ : जिले में डीडीटी छिड़काव का कार्य पूरा कर लिया गया है. कालाजार की रोकथाम व बचाव के लिए जिले में डीडीटी का छिड़काव किया गया है. जिला मलेरिया विभाग की ओर से जिले के 12 प्रखंडों के चयनित कुल 41 गांवों में डीडीटी का छिड़काव कार्य किया गया. छिड़काव कार्य लगभग पूरा हो चुका है.
डीडीटी छिड़काव में जिला मलेरिया विभाग ने कुल सात छिड़काव दलों को लगाया था. सिविल सर्जन डाॅ. सुबोध प्रसाद सिंह के आदेश के आलोक में जिला मलेरिया पदाधिकारी डाॅ. रमेश कुमार सिन्हा ने मलेरिया इंस्पेक्टर की देखरेख में छिड़काव कार्य कराया. साथ ही कालाजार तकनीकी पर्यवेक्षक भी छिड़काव कार्य पर अपनी पैनी नजर रखे हैं. जिला मलेरिया पदाधिकारी रमेश कुमार सिन्हा ने बताया कि जिस क्षेत्र में तीन साल पहले कालाजार के एक भी मरीज की पहचान हुई थी,
वैसे क्षेत्रों में डीडीटी का छिड़काव कार्य सघन रूप से किया गया. उन्होंने बताया कि कालाजार के मरीजों के इलाज के लिए जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में सुविधा उपलब्ध है. साथ ही मरीजों को बीमारी से स्वस्थ होने के लिए विभाग की ओर से नि:शुल्क मिल्टोफोसिन कैप्सूल दी जाती है. यह दवा मरीजों को नियमित रूप से 28 दिनों तक खानी पड़ती है. चिकित्सीय सलाह के अनुसार मरीजों की उम्र के मुताबिक मिल्टोफोसीन कैप्सूल खाने के लिए दी जाती है.
इतना ही नहीं जो आशा मरीज को दवा खिलाने का काम करती हैं, उसे विभाग की ओर से प्रोत्साहन राशि भी उपलब्ध करायी जाती है. जिले में काम करने वाली आशा अपने क्षेत्रों में घूम कर कालाजार के संदिग्ध मरीजों की पहचान भी करती हैं. इसके लिए विभाग की ओर से पूर्व में ही प्रशिक्षित किया जा चुका है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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