अप्रैल में 43 डिग्री पारा चढ़ा

परेशानी. गरमी से लोग हो रहे बेहाल कोई भी साधन नहीं आ रहा काम बच्चों व बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी बिहारशरीफ : जिले में पड़ रही भीषण गरमी से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है. दिन के सुबह 09 बजे से ही तेज पछुआ हवा लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दे […]

परेशानी. गरमी से लोग हो रहे बेहाल

कोई भी साधन नहीं आ रहा काम

बच्चों व बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी

बिहारशरीफ : जिले में पड़ रही भीषण गरमी से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है. दिन के सुबह 09 बजे से ही तेज पछुआ हवा लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दे रही है. दोपहर के 11 बजे से शाम के पांच बजे तक सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है. गरमी का आलम यह है कि घरों में भी लोगों को चैन नहीं मिल रहा हे.

पंखे की गरम हवा लोगों के लिए रूम हीटर तथा ब्लोहर साबित हो रहा हे. खास कर दोपहर में बंद होने वाले स्कूलों के बच्चे खुद को कातर महसूस कर रहे हैं. स्कूलों में छुट्टी होते ही बच्चे किसी प्रकार जल्दी से घर पहुंचने को आतुर दिखते हैं. स्कूलों के छोटे-बड़े वाहनों पर घर लौट रहे बच्चों के गरमी से बेहाल और सूखे चेहरे उनके अभिभावकों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है.

गरमी का सर्वाधिक प्रकोप बच्चों तथा वृद्धों को झेलना पड़ रहा है. गरमी से राहत देने वाले सारे उपाय इस भीषण गरमीक के सामने कम पड़ रहे हैं. छाता, तौलियो से लेकर गन्ने तथा मौसमी के जूस, ककड़ी, खीरा तथा तरबूज भी लोगों को गरमी से राहत नहीं दे पा रहे है.

बर्फ और ठठंडई भी कुछ ही देर तक लोगों की प्यास बुझा रही है. लोग गरमी से राहत पाने के लिए अपने-अपने ढंग से बचाव करने में जुटे हैं. ग्लूकोज और कच्चे आम की बाजारों में भारी मांग है. बड़े-बुजर्ग अप्रैल महीने के इस भीषण गरमी से हैरान है. उनका कहना है कि अभी तो गरमी का मुख्य महीना मई और जून बाकी है. गरमी की वर्तमान स्थिति को देख कर लोगों के रौंगटे अभी से ही खड़े हो रहे हैं. विद्यालयों में भी गरमी की छुट्टी होने में अभी काफी दिन है. लोगों को गरमी की मार अभी लंबे दिनों तक झेलनी पड़ सकती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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