बिहारशरीफ : दीपावली का पर्व खुशियों का पर्व है. यह पर्व बिना मिठाई के अधूरा है. दीपावली में लोग मिठाइयां खाते हैं तथा अपने दोस्तों व सगे-संबंधियों को उपहार में भी देते हैं. इसको लेकर मिठाई की बिक्री जम कर होती है. इसलिए मिठाइयों की खरीदारी करते समय थोड़ी सावधानी बरतनी जरूरी है. ऐसा न […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बिहारशरीफ : दीपावली का पर्व खुशियों का पर्व है. यह पर्व बिना मिठाई के अधूरा है. दीपावली में लोग मिठाइयां खाते हैं तथा अपने दोस्तों व सगे-संबंधियों को उपहार में भी देते हैं. इसको लेकर मिठाई की बिक्री जम कर होती है. इसलिए मिठाइयों की खरीदारी करते समय थोड़ी सावधानी बरतनी जरूरी है. ऐसा न हो कि दीपावली की खुशियों में ग्रहण लग जाये.
बाजार में इन दिनों नकली मिठाइयों की भरमार है. कई मिठाइयों का निर्माण नकली खोवा व सिंथेटिक रंगों के माध्यम से किया जा रहा है. नकली चीजों से बनी मिठाइयां आपके सेहत को बिगाड़ सकता है.
घर में तैयार मिठाइयां बेहतर : पहले घर-घर में मिठाई तैयार की जाती थी. लोग शुद्ध दूध व घी आदि से मिठाइयां बनाते थे. घर में निर्मित मिठाइयां स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से पूरी तरह सुरक्षित होता था. आज के व्यस्त जीवनशैली में लोगों के पास मिठाइयां तैयार करने का समय नहीं है. लोग बाजार से स्वादिष्ट मिठाइयां खरीदने को मजबूर हैं.