इलाज नहीं हुआ, तो टीबी मरीज 14 लोगों को कर सकता है संक्रमित
बिहारशरीफ : टीबी के कंफर्म मरीज अपनी चिकित्सा तुरंत कराये. जरा सी लापरवाही बरती तो अन्य स्वस्थ लोगों को टीबी बीमारी से ग्रसित मरीज दूसरे को संक्रमित कर सकता है. चिकित्सक का मानना है कि टीबी के मरीज समय पर इलाज नहीं कराये तो एक मरीज 14 स्वस्थ व्यक्तियों को संक्रमित कर सकता है. अतएव […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बिहारशरीफ : टीबी के कंफर्म मरीज अपनी चिकित्सा तुरंत कराये. जरा सी लापरवाही बरती तो अन्य स्वस्थ लोगों को टीबी बीमारी से ग्रसित मरीज दूसरे को संक्रमित कर सकता है. चिकित्सक का मानना है कि टीबी के मरीज समय पर इलाज नहीं कराये तो एक मरीज 14 स्वस्थ व्यक्तियों को संक्रमित कर सकता है. अतएव यह बीमारी दूसरों में नहीं फंसे. इसके लिए पीडि़त मरीज तुरंत चिकित्सा करायें. ताकि दूसरा व्यक्ति प्रभावित नहीं हो सके.
जिले के सभी अस्पतालों में बीमारी का इलाज की सुविधा उपलब्ध है. रोगी सजगता दिखाते हुए इलाज करा दवा का सेवन करें.दो सप्ताह या इससे अधिक समय से होने वाली खांसी टीबी हो सकती है. लिहाजा इतने दिनों से खांसी से पीडि़त मरीज तुरंत अपने निकटस्थ अस्पताल में जाकर अपनी बलगम की जांच कराये. बलगम जांच की सुविधा सभी डीएमसी केंद्र पर उपलब्ध है. यह केंद्र जिले के सभी पीएचसी, अनुमंडलीय एवं रेफरल अस्पतालों में संचालित हैं. इन केंद्रों पर मरीजों की नि:शुल्क बलगम जांच की जाती है.
सभी प्रभारियों को किया गया सजग : टीबी बीमारी पर काबू पाने के लिए सभी अस्पतालों के प्रभारियों को सजग किया गया है कि ओपीडी में आने वाले मरीजों जिन्हें दो सप्ताह या ज्यादा समय से खांसी हो रही है तो उस पर विशेष नजर रखें. ऐसे मरीजों को चिन्हित कर खांसी (बलगम) की जांच की तुरंत व्यवस्था करें.
चिन्हित मरीजों की बलगम जांच के लिए डीएमसी में भेजे, ताकि बीमारी का सही और समय पर पता चल सके. जांच में यदि बीमारी की पुष्टि हो जाती है तो तुरंत उसकी चिकित्सा शुरू करें. बलगम जांच के साथ-साथ ऐसे मरीजों को एचआइवी की जांच करानी जरूरी है.
टीबी के मरीजों को नि:शुल्क दवा उपलब्ध करायी जा रही है. जांच भी नि:शुल्क है. परबलपुर एवं बेन में बलगम जांच की उपलब्धि संतोषजनक नहीं है. दोनों को निर्देश दिया गया है कि बलगम जांच बढ़ायें. डॉ. रवींद्र कुमार, सहायक अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी