सोमवार को जिउतिया पर्व था.इस दिन हरेक मां अपने संतान की लंबी उम्र की कामना को लेकर उपवास करती है.इधर रवि की मां का अपने एकलौते पुत्र के गम में रो-रो का बुरा हाल था. एकमात्र पुत्री अपने पिता से सटी भाई की याद में रो रही थी.घर के सभी सदस्यों का हाल रो-रो कर […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
सोमवार को जिउतिया पर्व था.इस दिन हरेक मां अपने संतान की लंबी उम्र की कामना को लेकर उपवास करती है.इधर रवि की मां का अपने एकलौते पुत्र के गम में रो-रो का बुरा हाल था.
एकमात्र पुत्री अपने पिता से सटी भाई की याद में रो रही थी.घर के सभी सदस्यों का हाल रो-रो कर काफी बुरा था.मुहल्ले की महिलाएं पीडि़त परिवार को सांत्वना देने में जुटी थीं.