संवाददाता : बिहारशरीफ़ जिले में चिकित्सा व्यवस्था को दुरुस्त करने की पहल शुरू कर दी गयी है. व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बुधवार को राज्य स्वास्थ्य समिति की चार सदस्यीय टीम नालंदा पहुंची.
टीम में शामिल अधिकारियों ने सदर अस्पताल, पावापुरी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं राजगीर अनुमंडलीय अस्पताल गये. अधिकारियों ने इन अस्पतालों के विभिन्न वार्डों को देखा. इन अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कौन सी आवश्यकता है.
इन मुद्दों पर अस्पतालों के प्रभारियों व उपाधीक्षकों से मिल कर रणनीति बनायी. इससे पहले राज्य स्वास्थ्य समिति के अधिकारी जिला स्वास्थ्य समिति में डीपीएम ज्ञानेन्द्र शेखर व अन्य लोगों के साथ बैठक की.
बैठक में टीम में शामिल अधिकारी डॉ जयंती श्रीवास्तव ने बताया कि चिकित्सा व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से यह टीम यहां आयी है. अस्पतालों में जो आवश्यकता होगी उसके लिए राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से कदम उठाया जायेगा.
अस्पतालों के जायजा के बाद इसकी रिपोर्ट राज्य स्वास्थ्य समिति को उपलब्ध करायी जायेगी. जल्द शुरू होगी शिशु आकस्मिक सेवा:निपी के डॉ पंकज मिश्रा ने कहा कि बच्चों को बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए बहुत जल्द ही सदर अस्पताल में शिशु आकस्मिक सेवा शुरू की जायेगी.
वार्ड में विभिन्न चिकित्सीय उपकरणों से सुसज्जित किया जा चुका है. इस वार्ड में चौदह साल तक के बच्चों की चिकित्सा सेवा उपलब्ध करायी जायेगी. पूरी संभावना है कि चालू माह के अंत तक इसकी सेवा जिले वासियों को मिलने लगेगी. शिशु आकस्मिक सेवा वार्ड में तीन बेड लगाये गये हैं. इस अवसर पर डॉ विजय कुमार, मनीष कुमार, निर्भय कुमार आदि मौजूद थे.
