खुफिया इकाई को मिली बड़ी जिम्मेवारी
बिहारशरीफ(नालंदा) : क्राइम इंडेक्स को लाल निशान तक पहुंचाने वाले डकैतों की गिरफ्तारी को लेकर नालंदा पुलिस ने ठोस पहल शुरू की है. पूरी प्लानिंग के तहत पुलिस एक्सपर्ट की मदद से डकैतों का स्केच तैयार कर अब उन्हें पकड़ा जाएगा.
खबर है कि मंगलवार तक संभावित अपराधियों के स्केच पुलिस के पास पहुंचेगी. जिला खुफिया इकाई (डीआइयू) को बड़ी जिम्मेवारी सौंपी गयी है. नालंदा पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर डॉग स्क्वॉयड को भी आजमा रही है.
डकैती से संबंधित तमाम
वारदातों के खुलासे को लेकर पुलिस ने आधुनिक अनुसंधान को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार देर रात शहर के विभिन्न इलाके में तीन घरों में घुस कर अपराधियों ने लूटपाट को अंजाम दिया है. लूटपाट की तीनों वारदातों का तरीका एक-दूसरे काफी मिलता है.अगस्त माह में डकैती की घटी 12 घटनाएं भी एक दूसरे से काफी मिलती-जुलती है.
मोबाइल से दूर रहते हैं डकैत : पुलिस का हालिया अनुसंधान बताता है कि डकैती की घटना को अंजाम देने वाले अपराधी मोबाइल फोन को अपने से दूर रखते हैं. लूटपाट के दौरान कब्जे में लिए गए मोबाइल फोन को डेड करने की नीयत से उसमें लगे सिम कार्ड व बैटरी को निकाल कर डकैत प्राय: फेंक दिया करते हैं. घरों में लूटपाट करने वाले ऐसे अपराधियों की संख्या तीन से चार तक सीमित रहती है. घटना को अंजाम देने के दौरान ऐसे अपराधी एक दूसरे से इशारे में बात करते हैं,कोई किसी का नाम नहीं लेता.
चेन स्मोकर हैं अधिकतर डकैत : लूटपाट करने वाले डकैत चेन स्मोकर हैं. अब तक की डकैती कांडों की तफ्तीश से पुलिस को पता चला है कि घटना के दौरान वे खूब सिगरेट पीते हैं. अपराधी घर में प्रवेश करने के लिए सीढ़ी का प्रयोग कर रहे हैं. चेहरा छुपाने के लिए महिलाओं के कपड़े का प्रयोग करने वाले ऐसे अपराधी रेकी कर के लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक छापेमारी टीम का गठन किया गया है. इस टीम में कई थाने की पुलिस को भी लगाया गया है. क्षेत्र में गश्ती की प्रक्रिया को और ठोस बनाया गया है. हाल के दिनों में जेल से रिहा होने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है”
विवेकानंद
पुलिस अधीक्षक, नालंदा
