अब तक ढाई सौ व्यवसायियों ने दिया आवेदन
बिहारशरीफ : ट्रेड लाइसेंस को लागू करने के लिए नगर निगम तत्पर हैं. नियम की जानकारी दिये जाने को लेकर गुरुवार को नगर आयुक्त ने नालंदा चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों के साथ बैठक की.
नगर आयुक्त कौशल कुमार ने प्रतिनिधियों से इसमें सहयोग करने की अपील की. शहर के छोटे-बड़े सभी व्यवसायियों को लाइसेंस लेना अनिवार्य है.
दस लाख से नीचे वाले व्यवसायी को साल में एक हजार व उससे ऊपर वाले व्यवसायियों को साल में 25 सौ रुपये टैक्स देना होगा. शहरी क्षेत्र में सात हजार व्यवसायी है. इसमें से अभी तक मात्र ढ़ाई सौ लोगों ने लाइसेंस के लिए आवेदन दिया है.
उन्होंने कहा कि नये नियम को सख्ती से लागू किया जायेगा. लाइसेंस नहीं लेने वाले व्यवसायियों पर कार्रवाई के साथ-साथ दुकानों को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है.
नियमों की जानकारी दिये जाने के लिए शहर के व्यवसायियों के साथ जल्द ही बैठक की जायेगी. उन्होंने कहा कि ट्रेड लाईसेंस लेने वाले दुकानदारों को कई फायदे होगे. वैद्य तरीके से दुकान चलाने का लाईसेंस मिल जायेगा. दुकानदारों का डाटा बेस भी नगर निगम में तैयार हो जायेगा. उन्होंने कहा कि टैक्स के दायरे में ठेला,वेंडरों को इससे मुक्त रखा गया है.
साथ ही वैसे कंपनी जो चिटफंड का काम करती है उन्हें भी लाइसेंस नहीं दिया जायेगा. दुकानदारों के कागजों की जांच करने के बाद ही लाइसेंस निर्गत की जायेगी.
ट्रेड लाइसेंस से नगर निगम को हर साल सात करोड़ रुपये की आय बढ़ जायेगी. चैंबर के सदस्यों ने भी लाइसेंसधारी व्यवसायियों को दिये जाने वाली सुविधाओं का मसले उठाये. इस मौेके पर चैंबर के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार अकेला, जवाहर लाल गांधी,मनोज कुमार मौजूद थे.
दस लाख के नीचे के व्यवसायी:थोक व्यापारी,फुटकर विक्रेता, गोदाम ,मालगोदाम,खुदरा व्यवसायी
दस लाख से अधिक के व्यवसायी:
होटल,रेस्टोरेंट,अतिथि भवन, धर्मशाला,बार,विवाह भवन,सम्मेलन कक्ष ,क्लब,नर्सिग होम, अस्पताल, निजी दवाखाना
संतापकारी और खतरनाक व्यवसाय: संतापकारी व्यवसाय के दायरे में मोमबत्ती निर्माण, रंगाई,ढलाई का कारखाना, लोहार का कर्मशाला.
