जमींदारी बांध पर 15 किलोमीटर के अंतराल पर एक लेबर तैनात
बिहारशरीफ : बाढ़ नियंत्रण व डैमेज कंट्रोल के लिए विभाग ने कई कदम उठाये हैं. इसके तहत जिले के पांच प्रखंडों में बाढ़ से बचाव के लिए पांच-पांच हजार बोरा (पैकेट) बालू से भरकर रखा गया है. हरेक ब्लॉक के लिए अलग-अलग संवेदक नियुक्त किये गये हैं. बाढ़ नियंत्रण एवं जल नि:शरण विभाग इन संवेदकों को एहतियात के तौर पर पांच-पांच हजार बोरे में बालू भरकर रखने को कहा है. फिलहाल हरनौत, बिंद, रहुई, अस्थावां व बेन प्रखंड में यह व्यवस्था की गयी है. जिससे की किसी जगह खांड़ होने की स्थिति में तत्काल उस पर नियंत्रण किया जा सके. इसके अलावा हर जमींदारी बांध पर 15 किलोमीटर के अंतराल पर एक लेवर को तैनात किया गया है
ये लेवर जमींदारी बांधों पर निगरानी रखेंगे. कहीं भी लीकेज होने पर वे तत्काल उसे ठीक करेंगे. अधिक डैमेज की संभावना होने पर ये लेवर तत्काल विभाग को सूचना देंगे. पिछले दिनों करायपरसुराय प्रखंड में लोकायन नदी के तटबंधन टूटने और उससे हुई क्षति के बाद विभाग ने यह कदम उठाया है. विभाग ने यह महसूस किया कि शुरुआती दौर में लोकायन नदी के तटबंधन में हुए लीकेज पर काबू पा लिया जाता तो न तो लोगों को विस्थापित होना पड़ता और न ही क्षति उठानी पड़ती. विभाग ने एहतियात के तौर पर 2.50 लाख सीमेंट का बोरा व 10 हजार एनसी (नाइलॉन थ्रेड) स्टॉक कर रखा है. बाढ़ की स्थिति में सीमेंट के बोरे में बालू भरकर नाइलॉन के धागे से बने जाल में रखकर उस जगह पर लगा दिया जाता है, जहां से पानी का बहाव हो रहा है. इससे पानी की तेज धारा में बालू से भरे बोरे बहे नहीं.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिले के पांच प्रखंड रहुई अस्थावां, बिंद, बेन व हरनौत प्रखंड में बाढ़ से बचाव के लिए पांच -पांच हजार बोरे में बालू भरकर रखने का निर्देश प्रखंडों के संवेदकों को दिया गया है. इसके अलावा हरेक जमींदारी बांध पर 15 किलोमीटर के अंतराल पर एक लेवर की तैनाती की गयी है, जो हर वक्त जमींदारी बांधों पर नजर रखेंगे और लीकेज की स्थिति में उसे ठीक करेंगे.
जय देव प्रसाद, कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल नि:शरण विभाग, बिहारशरीफ
