गोशाले को रखें साफ-सुथरा, दूषित जल हरगिज न पीने दें
बिहारशरीफ : बरसात के मौसम में पशुधन की सेहत पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. इस मौसम में पशुधन जलजनित रोगों की चपेट में आ जाते हैं. अतएव पशुपालक अपने पशुओं की सेहत के प्रति सजग रहें. मवेशियों के खान-पान पर भी नजर रखने की जरूरत है. जलजनित रोगों से रक्षा के लिए पशुओं को दूषित जल पीने से बचाएं, ताकि डायरिया, लंगड़ी व गलाघोंटू जैसे संक्रामक रोग न हो पाये. इतना ही नहीं, गोशाले को भी हमेशा साफ-सुथरा रखें. जहां पर पशु रहते हैं, उसके आसपास गंदगी न फैलने दें.
यह हिदायत जिला पशुपालन पदाधिकारी ने पशुपालकों को दी है. आषाढ़ माह में होनेवाले रोगों से बचाव के लिए जिला पशुपालन विभाग की ओर से ठोस कदम उठाये जा चुके हैं. पशुधन जलजनित रोगों की चपेट में न आएं, इसके लिए जिले के हर पशु औषधालय में इलाज की मुकम्मल व्यवस्था की गयी है. जिला पशुपालन विभाग की ओर से जिले के हर एक पशु औषधालय में आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है. यदि किसी औषधालय में इलाज के लिए बीमार पशु आता है, तो उसे इलाज के साथ ही पशु चिकित्सा पदाधिकारी की सलाह के मुताबिक दवा सहज रूप से उपलब्ध करायी जा सके. जिला पशुपालन विभाग के अधिकारी ने इस बाबत जिले के हर एक पशु औषधालय के अधिकारियों को हमेशा अलर्ट रहने को कहा है. जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ श्रवण कुमार ने बताया कि जिले के पशु चिकित्सा पदाधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी इलाके में यदि पशुओं में लंगड़ी, गलाघोंटू या डायरिया होने की खबर मिले, तो वहां पर अविलंब मेडिकल टीम को भेजने की व्यवस्था करेंगे. इस कार्य को मूर्तरूप देने के लिए पशु औषधालयों में 24 घंटे टीम को चिकित्सीय सुविधाओं से लैस रखेंगे. जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि पशु चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यदि इस तरह की सूचना मिलती है, तो शीघ्र रिपोर्ट देंगे.
ताकि जरूरत पड़ने पर जिला स्तर से भी टीम संबंधित क्षेत्रों में भेजी जा सके. इस कार्य के लिए जिला स्तर पर भी निगरानी दल का गठन किया गया है. जिला स्तर पर गठित दल के अधिकारियों व सदस्यों को प्रखंडवार जिम्मेवारी सौंपी गयी है. उन्हें निर्देश दिया गया है कि सूचना मिलने पर संबंधित क्षेत्रों का दौरा कर वस्तुस्थिति से जिला पशुपालन पदाधिकारी को अवगत करायेंगे. उन्होंने बताया कि अभी तक जिले के किसी क्षेत्र से जलजनित रोग होने की सूचना विभाग को प्राप्त नहीं है.
