मुहिम. सात वार्डों में शौचालय बनाने का काम तेज, किया जागरूक
नालंदा : सूरजपुर के बाद सिलाव प्रखंड के नीरपुर और नानंद पंचायत को ओडीएफ घोषित करने की प्रशासनिक तैयारी की जा रही है. पदाधिकारी और पंचायत के जनप्रतिनिधि इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं. पदाधिकारी तड़के इन पंचायतों के गांवों में पहुंचते हैं. रोको टोको अभियान के तहत ग्रामीणों को जागरूक करते हैं. नीरपुर पंचायत में कुल 1247 घर हैं. इनमें से 385 घरों में पहले से शौचालय बना हुआ है. यानी बिना सरकारी सहयोग के ग्रामीण किसान खुद
शौचालय का निर्माण कराये हैं. इस पंचायत में कुल 862 घर शौचालय विहीन है. इनमें से लोहिया स्वच्छता मिशन के तहत सरकारी सहयोग से 451 घरों में शौचालय का निर्माण कराया जा चुका है. पंचायत के 155 घरों में शौचालय के निर्माण का कार्य चल रहा है. प्रखंड का यह सुदूरवर्ती पंचायत नीरपुर, बेन और नूरसराय प्रखंड के बॉर्डर पर बसा है.
नीरपुर पंचायत में नीरपुर,चक नीरपुर,जलालपुर, पचबाड़ा, ताजू विगहा लोदीपुर और पकरीसराय गांव है. प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी अमर कुमार ने बताया कि नीरपुर पंचायत में कुल 10 वार्ड है. इनमें से तीन वार्ड ओडीएफ घोषित हो चुका है. उनके अनुसार वार्ड संख्या 3, 4, 5 को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है. शेष वार्ड 1, 2, 6, 7, 8, 9, 10 को ओडीएफ घोषित करने के लिए लगातार प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है. प्रत्येक दिन सुबह तड़के रोको टोको अभियान चलाया जा रहा है. खुले में शौच करने से ग्रामीणों को मना किया जा रहा है. साथ ही, इससे होने वाली हानि के बारे में भी उन्हें बताया जा रहा है. ग्रामीणों की शिकायत है कि पंचायत में ओडीएफ के तहत बनाये जा रहे शौचालय के निर्माण में गुणवत्ता का अभाव है, जो किसान खुद शौचालय बनाना चाहते हैं, उन्हें बनाने नहीं दिया जाता है. उनकी जगह पर ठेकेदार से शौचालय बनवाया जा रहा है, जो नियम के विरुद्ध है
. डीएम डाॅ त्याग राजन एसएम और डीडीसी कुंदन कुमार का स्पष्ट आदेश है कि लाभार्थी अपने घरों में स्वयं शौचालय का निर्माण करायेंगे. लाभार्थी को 12 हजार रुपये सहयोग राशि प्रदान की जायेगी. इसके अभियान को बिचौलियाें से मुक्त रखने का आदेश डीएम द्वारा दिया गया है. ग्रामीणों की माने तो शौचालय के लिए आवंटित राशि भी जनप्रतिनिधि खुद के खाते में ट्रांसफर करा लेते हैं. बताया जाता है कि ठेकेदार को एक शौचालय के निर्माण पर करीब छह से सात हजार रुपये खर्च होते हैं. शेष राशि का बंदरबांट करने की शिकायत है. नीरपुर पंचायत में घर-घर नल जल कनेक्शन के लिए अभी काम शुरु नहीं किया गया है.
इस पंचायत के करीब 95 प्रतिशत घरों में बिजली के कनेक्शन हैं. इसकी पुष्टि मुखिया ममता कुमारी और पूर्व मुखिया रत्नेश कुमार भी करते हैं. पूर्व मुखिया रत्नेश कुमार के अनुसार गांव के करीब 80 प्रतिशत गलियों में पीसीसी का काम हुआ है. इन में कई गलियां जेसीबी मशीन के आने जाने के कारण क्षतिग्रस्त हो गयी है. ऐसे गलियों में फिर से पीसीसी करने की जरूरत है. इस पंचायत में एक मनरेगा भवन का निर्माण होना है. लेकिन अतिक्रमण के कारण इस जमीन पर मनरेगा भवन का निर्माण अब तक नहीं हो सका है. पूर्व मुखिया रत्नेश कुमार ने बताया कि नीरपुर पंचायत के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को अपना भवन है.
जितने भी स्कूल हैं उन सभी को अपना भवन है. पंचायत की मुखिया ममता कुमारी बताती हैं कि नीरपुर आदर्श पंचायत है. इसके बावजूद इस पंचायत में पंचायत सरकार भवन नहीं है. इसके लिए स्थल का चयन भी अब तक नहीं किया जा सका है. पंचायत सरकार भवन होता तो पंचायत के जनप्रतिनिधि और सरकारी कर्मी एक जगह बैठ कर पंचायत के विकास के लिए सोचते, सरकारी कामों का निबटारा और समस्याओं का निदान करते.
मुखिया- सरपंच ने ढोलहा पिटवाया
नालंदा़ सिलाव प्रखंड के नानंद पंचायत की मुखिया मीना देवी और सरपंच श्रीपति देवी ने पंचायत में ढोलहा पिटवाया है. खुले में शौच मुक्त अभियान को लेकर यह ढोलहा पिटवाया गया है. ढोलहा पिटने वाले ने कहा सुनो-सुनो नानंद वासियों. अब से कोई खुले में शौच नहीं करेगा. हर घर में शौचालय बनाना होगा. खुले में शौच करते पकड़े जाने पर दंड भरना होगा. मुखिया-सरपंच ने कहा पंचायत के ग्रामीण खुले में शौच जाने से करें परहेज. इससे कई तरह की बीमारियां फैलती है. गांव और पंचायत की जग हंसाई होती है. ढोलहा के माध्यम से मुखिया और सरपंच ने कहा है कि सभी ग्रामीण अपने-अपने घरों में शौचालय बनवायें. शौचालय निर्माण के लिए सरकार 12 हजार रुपये सहयोग राशि देती है. इसके लिए समय निर्धारित है. निर्धारित समय सीमा के भीतर शौचालय का हर हाल में निर्माण करावे. ओडीएफ घोषित होने के बाद कोई भी व्यक्ति खुले में शौच नहीं करेंगे. यदि कोई भी व्यक्ति पुरुष हो या महिला खुले में शौच करते पकड़े जायेंगे तो उनके खिलाफ ग्राम कचहरी की ओर से जुर्माना लगाया जायेगा. जुर्माना नहीं भरने पर उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने पर भी विचार किया जा सकता है. सिलाव बीडीओ अलख निरंजन, मुखिया मीना देवी, मुखिया प्रतिनिधि उमेश प्रसाद, सरपंच श्रीपति देवी, सरपंच प्रतिनिधि ईश्वर प्रसाद समेत कई प्रमुख ग्रामीणों की मौजूदगी में यह ढोलहा पिटवाया.
अधिकारी बोले
नीरपुर पंचायत को ओडीएफ करने की दिशा में लगातार पहल जारी है, जो किसान खुद शौचालय नहीं बनाते हैं. उनके बदले निर्माण सामग्री देकर ठेकेदार से बनवाया जा रहा है. शौचालय के निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है. प्रत्येक शौचालय को 3 × 4 में बनाना है. इसके लिए 12 हजार रुपये देय है.
अलख निरंजन, बीडीओ, सिलाव
