सड़क से संसद तक होगा संघर्ष

बरौनी (नगर) : आशा की स्थिति खेतिहर मजदूरों से भी बदतर है. वहीं प्रदेश और केंद्र की सरकारें समस्याओं के समाधान के बजाय डपोरशंखी घोषणाओं में मशगूल हैं. उक्त बातें इंटक जिलाध्यक्ष सह बिहार स्टेट आशा वर्कर्स यूनियन अध्यक्ष चुनचुन राय ने कहीं. रविवार को बरौनी प्रखंड स्थित नीरज भवन में राष्ट्रीय मजदूर जिला इंटक […]

बरौनी (नगर) : आशा की स्थिति खेतिहर मजदूरों से भी बदतर है. वहीं प्रदेश और केंद्र की सरकारें समस्याओं के समाधान के बजाय डपोरशंखी घोषणाओं में मशगूल हैं. उक्त बातें इंटक जिलाध्यक्ष सह बिहार स्टेट आशा वर्कर्स यूनियन अध्यक्ष चुनचुन राय ने कहीं. रविवार को बरौनी प्रखंड स्थित नीरज भवन में राष्ट्रीय मजदूर जिला इंटक कांग्रेस से संबद्ध बिहार स्टेट आशा वर्कर्स यूनियन की बरौनी इकाई द्वारा बैठक हुई. श्री राय ने कहा कि इंटक लगातार मजदूरों व मेहनतकश कामगारों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहा है.
आशा के हितों की रक्षा हर-हाल में की जायेगी और जरूरत पड़ी, तो सड़क से लेकर संसद तक हम संघर्ष करेंगे. बैठक को बरौनी प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह,डॉ केके राय, मो एहसान रिजवी सहित अन्य लोगों ने संबोधित करते हुए आशा की न्यूनतम मजदूरी 18 हजार प्रतिमाह करने, सरकारीकर्मी और उसके समान दर्जा और वेतनमान देने, एएनएम में प्रोन्नति देने,दुर्घटना व मृत्यु होने पर उचित मुआवजा सहित अन्य मांगों के अलावा संगठन की मजबूती पर बल दिया.
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सुनीता देवी ने कहा कि हम संगठन के बल पर अपनी मांगों को लेकर रहेंगे. इस अवसर पर माला देवी, निर्मला देवी, विभा देवी, संगीता देवी, जुली कुमारी, धर्मशीला देवी, पिंकी देवी, प्रतिभा कुमारी सहित अन्य मौजूद थे .

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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