बिहारशरीफ : दो अक्तूबर तक नालंदा को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए हर स्तर पर जोर-शोर से कार्य जारी है. निर्मल नालंदा नाम से चल रहे इस अभियान में लोगों को खुले में शौच करने की आदत को छुड़ाने के लिये जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इसकी सफलता के लिये शौचालय का प्रयोग करने के लिए प्रत्येक सुबह रोको टोको अभियान से लेकर क्विज, वाद -विवाद का आयोजन किया जा रहा है.
समुदाय की सहभागिता से होने वाले अन्य जागरूकता कार्यक्रम भी भिन्न-भिन्न तरीके से अपनाये जा रहे हैं.रक्षाबंधन को ध्यान में रखते हुए बहनों के लिए भाई द्वारा शौचालय का उपहार से संबंधित भाई नंबर वन कार्यक्रम भी व्यापक पैमाने पर चलाया जा रहा है. डीएम डाॅ त्यागराजन एसएम के नेतृत्व में चल रहे इस महाअभियान में अब समाज की भी सक्रिय सहभागिता दिखने लगी है. लोग खुले में शौच की परंपरा को नकारने पर आमदा हो गये हैं.
जिन-जिन वार्डों को खुले में शौचमुक्त घोषित कर दिया गया है वहां के लाभुकों को अनुदान राशि का भुगतान भी तेजी से किया जा रहा है. डीडीसी कुंदन कुमार व आइटी मैनेजर आशीष कुमार के स्तर से भुगतान प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है. सही लाभुकों को उचित लाभ मिले ,कहीं कोई बिचौलियों की गुंजाइश नहीं रहे, इसके लिए भी कड़ी निगरानी की जा रही है. जीविका द्वारा बनाये जाने वाले मिशन दस हजार शौचालय की प्रगति भी प्रशंसनीय है.
राजन ने लोगों से आह्वान किया है कि वह इस महाभियान का हिस्सा बनें एवं नालंदा को निर्मल जिला के रूप में पहचान दिलाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा है कि लाभुकों को मानदेय की राशि के भुगतान में दिक्कत नहीं हो.
