जिले में अधिकतर स्टेट ट्यूबवेल हैं खराब

206 चालू स्टेट ट्यूबवेल से 3380 हेक्टेयर सिंचाई का लक्ष्य बिहारशरीफ. जिले में सिंचाई के लिए नहर या अन्य जलीय स्रोत नहीं है. किसानों के लिए सिंचाई की परेशानी को देखते हुए लघु सिंचाई विभाग द्वारा स्टेट ट्यूबवेल तो लगाये गये हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर ट्यूबवेल वर्षों से खराब पड़े हैं. ऐसी स्थिति में […]

206 चालू स्टेट ट्यूबवेल से 3380 हेक्टेयर सिंचाई का लक्ष्य
बिहारशरीफ. जिले में सिंचाई के लिए नहर या अन्य जलीय स्रोत नहीं है. किसानों के लिए सिंचाई की परेशानी को देखते हुए लघु सिंचाई विभाग द्वारा स्टेट ट्यूबवेल तो लगाये गये हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर ट्यूबवेल वर्षों से खराब पड़े हैं. ऐसी स्थिति में जबकि जिले में बारिश के अभाव में धान की रोपनी का कार्य बाधित हो रहा है, स्टेट ट्यूबवेल के खराब रहने से किसानों की परेशानी बढ़ी हुई है. जिले में 232 स्टेट ट्यूबवेल हैं. इनमें से 76 ट्यूबवेल ही चालू हालत में है. फेज थ्री के तहत सात ट्यूबवेल लगाये गये थे, जिनमें से पांच ही चालू हालत में है.
फेज आठ के तहत 62 स्टेट ट्यूबवेल लगाये गये हैं, जिनमें से 50 ट्यूबवेल ही चालू हालत में है. इसी प्रकार फेज 11 के तहत जिले में 116 स्टेट ट्यूबवेल लगाये गये थे, जिनमें से 75 ट्यूबवेल हैं, जिनमें से 206 ट्यूबवेल ही चालू हालत में है. 211 स्टेट ट्यूबवेल जो बेकार पड़े हुए हैं उनमें कई गड़बड़ियों के कारण बंद पड़ा है़ लघु सिंचाई विभाग ने चालू खरीफ मौसम में स्टेट ट्यूबवेल से 3380 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का लक्ष्य रखा है. चालू हालत में रहे स्टेट ट्यूबवेल के आधार पर इस लक्ष्य का निर्धारण किया गया है. विभाग ने चालू हालत में रहे पुराने स्टेट ट्यूबवेल से प्रति ट्यूबवेल 20 हेक्टेयर व नये स्टेट ट्यूबवेल से प्रति ट्यूबवेल 10 हेक्टेयर में सिंचाई करने का लक्ष्य रखा है.
पुराने स्टेट ट्यूबवेल से कुल 1620 ट्यूबवेल से 520 हेक्टेयर व फेज 11 के ट्यूबवेल से 1140 हेक्टेयर खेती में सिंचाई का लक्ष्य रखा है. पुराने स्टेट ट्यूबवेल से सिंचाई के लिए बनायी गयी नालियां ध्वस्त हो गयी है. नालियों के ध्वस्त हो जाने के कारण ट्यूबवेल के चालू हालत में रहने के बावजूद किसान सिंचाई सुविधा का लाभ उठाने से वंचित हो रहे हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
”जिले में चालू हालत में करीब दो सौ से अधिक स्टेट ट्यूबवेल हैं. पुराने स्टेट ट्यूबवेल से प्रति इकाई 20 हेक्टेयर जबकि नये स्टेट ट्यूबवेल से 10 हेक्टेयर खेत की सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है. चालू मौसम के दौरान जिले के 3380 हेक्टेयर सिंचाई करने का लक्ष्य है.”
राजेश कुमार, कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग, नालंदा

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