हादसा. कुएं में छलांग लगाने से पूर्व सुधा का पति से हुआ था झगड़ा
घटना के वक्त दोनों बच्चे थे गहरी नींद में
बिहारशरीफ. दो बच्चों की मां रही सुधा अपने हाथों अपना घर-संसार उजाड़ लिया. घटना को लेकर मोहल्ले में कई तरह की चर्चाएं हैं. हालांकि पुलिस अभी तक इस मामले में कुछ विशेष बताने से बच रही है. पुलिस कहती है कि महिला द्वारा उठाया गया यह कदम पारिवारिक कलह का कारण हो सकता है. बताया जाता है कि सुधा का पति वीरेंद्र प्रसाद शुक्रवार की देर संध्या बाजार से अपने बच्चों के लिए आम लाया था. आम को लेकर ही पति-पत्नी के बीच नोकझोंक हुआ था. सुधा अपने पति व बच्चों के साथ परिवार से अलग रहती थी. सुधा का अपने पति पर आरोप था कि जितना आम आया है वह कम है. इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी.
इस घटना के बाद सुधा अपनी चार वर्षीया पुत्री कृति कुमारी व छह वर्षीय पुत्र विक्रम को घर के कमरे में लेकर सोने चली गयी. पति घर पर मौजूद नहीं था. घटना के वक्त घर पर एक विकलांग ससुर के अलावे कोई मौजूद नहीं था. रात के करीब साढ़े ग्यारह बजे अचानक सुधा कमरे से अपने दोनों बच्चों को उठा कर पास के एक पानी भरे कुएं में फेंक दिया. बच्चों को फेंकने के बाद स्वयं भी कुएं में छलांग लगा दी. आसपास के लोग जब तक कुछ समझ पाते इससे पहले तीनों की मौत हो चुकी थी. घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया. ग्रामीणों द्वारा कुएं से तीनों का शव बाहर निकाला गया. घटना की सूचना नगर थाना पुलिस को ग्रामीणों द्वारा ही टेलीफोन पर दी गयी. घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे नगर इंस्पेक्टर उदय कुमार ने तीनों के शव को अपने कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण के लिए सदर अस्पताल भेज दिया.
इधर मृतका के मायके वालों का आरोप है कि सुधा व उसके दो बच्चों की हत्या मृतका के पति द्वारा गला दबा कर दी गयी है. घटना को अंजाम देने के बाद तीनों के शवों को पास के कुएं में फेंक दिया गया है. नगर इंस्पेक्टर ने बताया कि इस अभी तक इस तरह के आरोप मौखिक तौर पर ही लगाये गये हैं. लिखित तौर पर किसी के द्वारा कुछ नहीं दिया गया है. घटना के बाद मृतका का पति फरार है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी को लेकर प्रयासरत है. इंस्पेक्टर ने बताया कि पति-पत्नी के बीच झगड़ा किस बात को लेकर हुआ है इसकी आधिकारिक जानकारी पुलिस के पास नहीं है.
