मुहिम. नालंदा में करीब तीन सौ हेक्टेयर में अब तक धान की रोपाई
जुलाई में अब तक 141 एमएम हुई बारिश
1.28 लाख हेक्टेयर में खेती का है लक्ष्य
बिहारशरीफ : नालंदा जिले में इन दिनों मॉनसून पूरी तरह से सक्रिय है. पिछले एक सप्ताह से कमोबेश जिले में बारिश हो जा रही है. इस बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. सावन माह के प्रारंभ होते ही सोमवार को झमाझम के साथ मूसलधार बारिश हुई. वर्षा होने से मौसम भी एक तरह से सुहाना हो गया. इस बारिश का लाभ जिले के किसान भाई भी उठाने में लगे हैं. चालू माह में औसतन से अधिक बारिश हुई है,जो किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है. बारिश होने से किसान अब पूरी तरह से धानरोपनी करने में जुट गये हैं. सोमवार को जिले में 44 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई है. जिले में एक लाख 28 हजार हेक्टेयर भूमि में धान की खेती करने का लक्ष्य है.
सबसे अधिक करायपरशुराय में हुई बारिश
दोपहर बाद जिले में जमकर बारिश हुई है.जिले में कुल 44.41 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड दर्ज की गयी है.जिसमें से सबसे अधिक बारिश जिले के पश्चिम इलाके में अवस्थित करायपरशुराय प्रखंड क्षेत्र में हुई. इस प्रखंड में 112.4 मिली मीटर बारिश हुई है.लिहाजा प्रखंड क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर मुस्कान आ गयी.खुशी से किसान भाई झूम उठे.इस वर्षा का फायदा उठाते हुए किसान लोग खेतों की जुताई करने में लग गये हैं.यह बारिश खरीफ फसलों के लिए अमृत के समान है.वैसे तो बारिश सभी तरह के फसलों के लिए फायदेमंद है.खासकर धान की रोपाई के लिए.साथ ही धान के बिचड़े में एक तरह से नयी जान आ गयी है.
जिले में करीब तीन सौ हेक्टेयर में धान की रोपाई
जिले के विभिन्न प्रखंडों के किसान धान की रोपाई शुरू कर दी है.जिले के हिलसा,हरनौत, एकंगरसराय,नूरसराय समेत लगभग प्रखंडों में धान की रोपनी का कार्य कमोबेश शुरू हो चुका है.जिन किसानों के बिचड़े तैयार हो गये हैं वैसे लोग इस बारिश का लाभ उठाने में लगे हैं.हल बैल व ट्रैक्टरों से जुताई कर धान की रोपाई करने में लगे हैं.बुजुर्ग किसानों का मानना है कि आगत तौर पर की गयी धान की रोपाई से फसल की पैदावार अधिक होती है.इस लिहाजा जिनके बिचड़े तैयार हैं वे लोग जोरशोर से इस कार्य में लग गये हैं.इस तरह जिले में छिटपुट रूप से धान की रोपाई शुरू हो गयी है.यह आंकड़ा जिला कृषि विभाग का है.
जुलाई माह में अब तक औसतन से कहीं अधिक बारिश हो चुकी है.जहां जुलाई माह में औसतन 252 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए और नौ जुलाई तक 85.5 मिली मीटर बारिश होनी चाहिए थी लेकिन इस दस तारीख तक 141.61 मिलीमीटर बारिश हो गयी है.जो औसतन से 73.65 अधिक बारिश हो चुकी है.औसतन से अधिक बारिश होने से खेतों में पानी का जमाव हो जाने से किसानों में खुशी है.खेतों में लगी मक्के की फसल के लिए भी यह बारिश लाभदायक साबित होने वाला है.सोमवार की दोपहर बाद हुई मूसलाधार बारिश से जहां खेती बारी के लिए काफी फायदेमंद है.वहीं शहर की विभिन्न गलियों व सड़कों की स्थिति किचकिच हो गयी है.गलियों में जलजमाव हो जाने से लोगों को आवागमन करने में परेशानी उठानी पड़ी.गलियों में गड्ढेनुमा जगहों पर पानी भर गया है.खासकर शहर के निचले भागों में जलजमाव का दृश्य हो गया .हालांकि बारिश छूटने के बाद धीरे-धीरे पानी का निकास हो गया,लेकिन कीचड़ जम जाने से आने-जाने में लोगों को काफी फजीहत उठानी पड़ी.
