जिले की 32 पंचायत खुले में शौच मुक्त
बिहारशरीफ : खुले में शौच मुक्ति अभियान को वास्तविक रूप से धरातल पर उतारने के लिए जिला अधिकारी गांवों का दौरा कर रहे हैं. लोगों को खुले में शौच नहीं करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
इससे होने वाले दुष्प्रभावों को भी बता रहे हैं. सरकार के सात निश्चयों के तहत चल रहे खुले में शौच मुक्ति अभियान को गति देने के लिए राजगीर स्थित अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में अधिकारियों व अन्य संबंधित जनप्रतिनिधियों का पांच दिनों का उन्मुखीकरण कार्यक्रम यूनिसेफ के सहयोग से पूरा हो चुका है.
छह जुलाई को सिलाव तुलसी बिगहा गांव में बीडीओ बेन, सिलाव प्रखंड के ही गुलाब बिगहा गांव में प्रखंड बीडीओ बिहारशरीफ, गिरियक प्रखंड के बरहेत्ता गांव में बीडीओ कतरीसराय, गिरियक के ही राजपुर गांव में बीडीओ नूरसराय के नेतृत्व में अधिकारी एवं कर्मचारियों की टीम स्थानीय ग्रामीण व स्कूली बच्चों के सहयोग से सुबह के समय खुले में शौच जाने वाले लोगों को ऐसा करने से रोका. खुले में शौच से किस-किस तरह की बीमारियां होती है, इसके बारे में बताया गया. सात सिलाव प्रखंड के बिदुपुर गांव में बीडीओ रहुई, श्रीधर विगाहा गांव में बीडीओ करायपरशुराय, माधोपुर गांव में बीडीओ हिलसा व गोविंदपुर गांव में प्रखंड बीडीओ सरमेरा के नेतृत्व में अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम स्थानीय ग्रामीणों व बच्चों के साथ मिलकर लोगों को खुले में शौच नहीं जाने के लिए प्रेरित करेंगे. डीएम के आदेश पर रोको टोको व जागरुक करो अभियान को जिला के हर गांव तक प्रसारित किया जायेगा.
28637 शौचालयों का निर्माण
नालंदा में शौचालय निर्माण का कुल लक्ष्य 93541 है जिसमें से 28637 शौचालयों का निर्माण हो चुका है. 26896 का निर्माण चल रहा है. इन्हें एक सप्ताह के अंदर पूरा कर लिया जायेगा. जिले के 32 पंचायत अभी तक खुले में शौचमुक्त घोषित हो चुके हैं. खुले में शौच मुक्त हो चुके वार्डों की संख्या 497 है. खुले में शौच मुक्त अभियान के तहत जिन लोगों के द्वारा शौचालय का निर्माण किया जाता है उन्हें ₹12000 की सरकार के तरफ से प्रोत्साहन राशि दी जाती है. अब तक जिले में कुल 21 करोड़ की राशि का लाभुकों के बीच भुगतान हो चुका है. डीएम ने सभी बीडीओ को सख्त हिदायत दिया है कि जैसे ही कोई वार्ड खुले में शौच मुक्त घोषित होता है उसके सभी लाभुकों को एक सप्ताह में प्रोत्साहन राशि का भुगतान कर दें.
