बिहारशरीफ : जिला न्यायालय के प्रथम त्वरित न्यायधीश राम प्रताप अस्थाना ने आरोप सत्य पाते हुए दोहरे हत्या के मामले में आरोपितों गणेश चौहान, दिनेश उर्फ पुलिस यादव, कृष्णन यादव व यदु यादव को धारा 302 के साथ 307 के तहत भी दोषी करार किया. सत्र परिवाद के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष से एपीपी अजय कुमार रस्तोगी ने बहस किया था. मामले के विचारण के दौरान कुल 11 साक्षियों का परीक्षण प्रतिपरीक्षण किया गया था.
इस मामले में दो अन्य आरोपित सुदर्शन व ललित चौहान भी आरोपित हैं. मामले के सूचक सह घटना के प्रत्यक्षदर्शी अरविंद कुमार यादव के फर्द बयान पर आरोप सरमेरा थाना कांड संख्या 34/2006 के तहत दर्ज किया गया था. जिसके अनुसार सूचक के दादा कैलाश यादव के साथ मीरनगर पंचायत सेवक सुरेश यादव,विमल यादव,भूषण यादव चबूतरा पर बैठ कर गपशप चार जनवरी 2006 की शाम में कर रहे थे. आषाठी पूजा का अवसर था. इसलिए सभी लोगों को प्रसाद खाकर जाना था. सभी आरोपी व मृतक सरमेरा थाना क्षेत्र के मोहनपुर ग्रामवासी हैं. इसी बैठक के दौरान आठ बजे रात में सभी आरोपी हाथों में राइफल व बंदूक लिये हुए
आये और कहा कि केस में समझौता नहीं करोगे तो भुगतो और अंधाधुन फायरिंग करने लगे. चबूतरा पर बैठे कैलाश यादव, विमल यादव व भूषण यादव गोली लगने से गंभीर रूप से जख्मी हो गये. सुरेश यादव की घटना स्थल पर ही मौत हो गई. वहीं सूचक का गोतिया श्रवण यादव को रास्ते में जाते हुए गोली मार दी. जिससे मृत्यु हो गई. विवाद का मुख्य कारण आरोपियों पर हत्या का मुकदमा चल रहा था. अपराध कर्मी मुकदमा में समझौता का दवाब डाल रहे थे. जिसे इनकार करने पर घटना को अंजाम दिया. सजा निर्धारण पर फैसला 30 जून को होगा.
