राज्य सरकार जमीन दे, तो खुलेंगे संस्थान

बिहारशरीफ :रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि शिक्षा की जब बात होती है तो इसमें केंद्र सरकार की जिम्मेवारी भी आती है. कें द्र की सरकार जहां कहीं भी शिक्षण संस्थान खोलेगी तो उसके लिए राज्य सरकार की सहमति जरूरी है. शिक्षण संस्थान खोलने के लिए जमीन […]

बिहारशरीफ :रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि शिक्षा की जब बात होती है तो इसमें केंद्र सरकार की जिम्मेवारी भी आती है. कें द्र की सरकार जहां कहीं भी शिक्षण संस्थान खोलेगी तो उसके लिए राज्य सरकार की सहमति जरूरी है.

शिक्षण संस्थान खोलने के लिए जमीन राज्य सरकार को उपलब्ध करनी होती है. उन्होंने सूबे में केंद्रीय विद्यालयों की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि खगडि़या में वर्षों पूर्व नवोदय विद्यालय एवं लखीसराय में केंद्रीय विद्यालय खोले गये हैं, मगर आज तक ये दोनों विद्यालयो के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराया गया है. स्थिति यह है कि केंद्र सरकार द्वारा जो विद्यालय खोले गये हैं, वह भी बंद होने के कगार पर है.केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि जहां भी केंद्रीय विद्यालय खोलने की जरूरत है और राज्य सरकार जमीन उपलब्ध कराने को तैयार हो ,तो हम वहां विद्यालय खोलने को तैयार हैं. शिक्षा समवर्ती सूची में है. केंद्र के नियम-कानून पूरे देश में लागू होता है. उन्होंने कहा कि केंद्र ने क्वालिटी एजुकेशन के लिए राज्य सरकारों को बहुत सहयोग किय है. कुछ राज्यों ने फेल-पास के सिस्टम को चालू न रखने का प्रस्ताव दिया है. उन्होंने कहा कि यदि कोई राज्य सरकार बच्चों को फेल-पास करने के सिस्टम को नहीं रखना चाहती है, तो न यह सिस्टम न रखें, हमें कोई परेशानी नहीं है, मगर छात्रों का मूल्यांकन जरूरी है. बच्चों ने छठी कक्षा में गणित, विज्ञान कितना सीखा, इसकी समीक्षा होनी चाहिए.

जेपी आंदोलन के समय भी शिक्षा एक मुद्दा :कें द्रीय मंत्री ने कह कि जेपी आंदोलन के समय भी शिक्षा एक मुद्दा था.

इस समय सरकारी विद्यालयों की स्थिति आज जैसी नहीं थी. उस सरकारी विद्यालयों में भी बेहतर शिक्षा की व्यवस्था थी. इसलिए मेरा मानना है कि इस बार का रालोसपा का होने वाला आंदोलन 1974 के जीपी आंदोलन से भी बड़ा होना चाहिए. उन्होंने प्रशिक्षण शिविर में आए शिक्षा के लिए आंदोलन के प्रस्ताव का कार्यकर्ताओं से हाथ उठाकर समर्थन मांगा. सभी कार्यकर्ताओं ने इसका हाथ उठाकर समर्थन किया.

हमारी पार्टी धनाढ़यों की पार्टी नहीं :उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि हमारी पार्टी धनाढ़यों की पार्टी नहीं है, फिर भी जिस प्रकार से इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का संचालन किया गया है, वह किसी दूसरी बड़ी पार्टी से कम नहीं है. हमारे सभी साथियों ने मिलकर इस आयोजन को बहुत बेहतर बना दिया है.

उन्होंने कहा इस शिविर में 56 प्रकार के भोग का प्रबंधन किया गया था. शिविर के लिए चावल रोहतास के झुन्ना सिंह, आटा औरंगाबाद के साथियों ने की, दही रामनरेश ठाकुर ने, मौसमी फल, आम, चूड़ा भागलपुर के दीपक मिश्रा ने, सब्जी नालंदा ने , मिठाईयां,मनेर का लड्डु पटना के लोगों ने , भूंजिया गोपालगंज ने , लड्डू कैमूर ने , लीची मुजफ्फरपुर ने, गुड़ पि›मी चंपारण, मखाना पूर्णिया, खुरमा भोजपुर, घी अरवल के साथियों ने, छेना रसगुल्ला गया के राघव जी ने,खाजा युवा रालोसपा की प्रदेश इकाई ने ,गुलाब जामुन मधुबनी, रसमलाई मुंगेर, बालशाही सीतामढ़ी ने , चिकेन सुपौल ने, बाढ़ का लाई महिला प्रदेश इकाई ने, केला हाजीपुर ने , मसाला मुजफ्फरपुर के मदन चौधरी ने, रसोई गैस महासचिव विजय विभूति ने, पेड़ा प्रकाश जी ने, दाल नवादा के उमाशंकर कुशवाहा ने, पिपरा का खाजा सुपौल ने, चाय श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष नागेंद्र कुशवाहा ने , गमछा अमित चौधरी ने, बैग अमित चौधरी ने उपलब्ध कराया. इन सभी साथियों का मैं तहे दिल से आभार प्रकट करता हूं. उन्होंने कहा कि हमारे कुछ साथियों ने रात-दिन एक कर इस प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने की भरपूर कोशिश की है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि कुछ त्रुटियां हो सकती है. आपको कष्ट हुआ होगा, मगर इसे अन्यथा नहीं लें.

पार्टी को धारधार बनाना जरूरी :

रालोसपा के प्रदेश महासचिव विरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि पार्टी को धारदार बनाने के लिए आंदोलन करना होगा. छात्र इकाई के सदस्यों के साथ सभी इकाई के सदस्यों को इसमें सहयोग करना होगा.

प्रशिक्षण शिविरका उद्देश्य पूरा:

रालोसपा के राष्ट्रीय युवाध्यक्ष मो. कामरान ने कहा कि जिस उद्देश्य के लिए यह प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, वह पूरा हो गया है. रालोसपा के कार्यकर्ता जब तक उपेंद्र कुशवाहा को मुख्यमंत्री की कुरसी पर बैठाये बिना दम नहीं लेंगे.

महिला सशक्तिकरण पर जोर :

रालोसपा महिला प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा सक्सेना ने कहा कि तीन दिन के इस शिविर के दौरान कार्यकर्ताओं को बहुत कुछ सीखने का मौका मिला. उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि महिलाएं घर-परिवार व बिजनेस सब कुछ संभाल सकती है, जरूरत सिर्फ उनपर यकीन करने की है. उन्होंने प्रत्येक कार्यकर्ता से एक -एक महिला को सदस्य बनाने की अपील की.

बिहार के नव निर्माण का था सपना :रालोसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शंकर झा आजाद ने कहा कि हमारा कारवां बिहार के नव निर्माण का सपना लेकर चला था. जंगलराज के खत्मे के लिए हमलोग पूरे राज्य में घुम-घुमकर जन चेतना पैदा की थी. बिहार में सत्ता परिवर्तन हुआ, मगर सीएम नीतीश कुमार अपने वादे भूलकर फिर उन्हीं लोगों से गठबंधन कर लिया.रालोसपा संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष व सांसद राम कुमार शर्मा ने कहा कि आज बिहार में राजनैतिक शून्यता आ गयी है. किसानों, युवाओं के मामले में सवाल पूछने पर नीतीश कुमार भड़क रहे हैं. अब रालोसपा कार्यकर्ताओं को संकल्प लेने का वक्त आ गया है. रालोसपा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है.

ब्यूटी पार्लर वाले जांच रहे कॉपी :

रालोसपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दशई चौधरी ने कहा कि आज सूबे में शिक्षा की जो व्यवस्था है, वह जगजाहिर है. स्थिति यह है कि आज ब्यूटी पार्लर चलाने वाले, कपड़ा धोने वाले, हजामत बनाने वाले, दूध निकालने वाले लोग इंटर की कॉपियां जांचने लगे हैं. बिहार की शिक्षा व्यवस्था में घपला, घोटाला जिस तरह से मीडिया ने उजागर किया है, उसके लिए हम मीडिया को धन्यवाद देते हैं.

मनुष्य की तीसरी आंख है शिक्षा :प्रशिक्षण शिविर का संचालन कर रहे रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष भूदेव चौधरी ने कहा कि शिक्षा मनुष्य की तीसरी आंख है. यह तीसरी आंख हमें ज्ञान देता है, दूनिया को देखने और समझने की सोच पैदा करती है.उन्होंने कहा कि शिक्षा की आज की जो स्थिति है,उसमें सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 97 प्रतिशत बच्चे अधिकारी नहीं बन सकते हैं.

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