झुलसने से बच्ची की मौत

हादसा. खाना बनाने के दौरान सिलिंडर में लगी आग, भारी नुकसान गंभीर अवस्था में फुआ रेफर करायपरसुराय के वेरथु गांव की घटना करायपरसुराय : खाना बनाने के दौरान गैस रिसाव से सिलेंडर में लगी भीषण आग में जहां घर से लेकर दुकान तक स्वाहा हो गया. वहीं इस हादसे में एक सात वर्षीय बच्ची की […]

हादसा. खाना बनाने के दौरान सिलिंडर में लगी आग, भारी नुकसान

गंभीर अवस्था में फुआ रेफर
करायपरसुराय के वेरथु गांव की घटना
करायपरसुराय : खाना बनाने के दौरान गैस रिसाव से सिलेंडर में लगी भीषण आग में जहां घर से लेकर दुकान तक स्वाहा हो गया. वहीं इस हादसे में एक सात वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत घटनास्थल पर ही हो गई. जबकि फुआ गंभीर रूप से झुलस गयी़ जिसे पटना पीएमसीएच रेफर किया गया. घटना करायपरसुराय थाना क्षेत्र के वेरथु गांव की है. बताया जाता है कि करायपरसुराय थाना क्षेत्र के वेरथु गांव निवासी शंकर साव की घर में उस समय घटना हुई,
जब गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे घर में सात वर्षीय बच्ची सिया कुमारी द्वारा खाना बना रही थी. तभी अचानक सिलेंडर से गैस का रिसाव होने लगा. बच्ची कुछ कर पाती की उसके पहले सिलेंडर में आग पकड़ लिया. जिसमें उक्त बच्ची मौके पर ही तड़प तड़प कर जिंदा जल गई और उसकी मौत घटनास्थल पर ही हो गई. घर से आग की लपटे निकलते देख शंकर साव की पत्नी पूनम देवी घर के अंदर गई, जहां आग की उठ रही शोला में बच्ची को बचाने के लिए कूद पड़ी.
जिसे वह भी गंभीर रूप से झुलस गई. जिसे किसी तरह ग्रामीणों ने उसे बाहर निकालकर जान बचाने में कामयाब रहे. आग पर काबू पाने के लिए ग्रामीणों ने जुगाड़ कर रहा था कि मकान में ही स्थित किराना दुकान में रखे डीजल, पेट्रोल, किरोसिन तक आग की लकीरे पहुंचते ही धधक गया. जहां लोगों को आग बुझाना तो दूर उठ रहे आग के शोले के नजदीक जाना भी मुश्किल जैसा हो गया. घटना की सूचना मिलने के बाद पहुंची दमकल की गाड़ी ने बड़ी मशक्कत से आग पर काबू तो पा लिया.
परंतु दुकान स्वाहा हो गया. घर के अंदर राख के शिवा कुछ नहीं बचा. हादसे में झुलसी महिला को ग्रामीणों के सहयोग से प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां महिला की नाजुक हालत देखते हुए चिकित्सकों ने पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया गया. वहीं मौके पर पहुंची करायपरसुराय थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है.
शंकर का नहीं था कोई संतान, गोद ली थी बच्ची को:
बताया जाता है कि शंकर साव की शादी वर्षों बाद तक पत्नी ने किसी संतान का जनम नहीं दिया. संतान की चाहत में पति पत्नी ने इलाज के साथ हर प्रकार की उपाय किया. पंरतु किसी संतान की प्राप्ति नहीं हुई. थक हार कर उन्होंने किसी नवजात को गोद लेकर अपनी मनसुवा को पूरा करने की विचार बनाया. इसी दौरान शंकर साव ने पटना जिला के पुनपुन थाना के बेलबड़ा गांव निवासी कमलेश साव, जो रिश्ते में साला लगते है, उनकी पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया.
जिसे शंकर साव ने अपनी साला व उनकी पत्नी से बात विचार कर उक्त बच्ची को गोद लिया. जिसके बाद से बच्ची का पालन पोषण अपनी संतान जैसी रखने लगी. लेकिन इस अगलगी की घटना में गोद लिया बच्ची को काल के गाल में समाने के बाद शंकर व पत्नी का गोद आज भी सुना का सुना ही रह गया. शायद भगवान का यहीं मर्जी थी.
गांव में कोहराम, परिजनों का बुरा हाल
इस घटना के बाद जहां ग्रामीणों में अफरातफरी का माहौल बन गया. वहीं परिजन का रो रो कर बुरा हाल हो रहा है. गांव वाले जहां ऊपर वाले को कोष रहे थे कि ये भगवान की कैसी नफरत थी, जो एक सुनी गोद को सजाने के लिए जब किसी ने संतान का गोद लिया और उसे भी छीन लिया गया. वहीं शंकर 80 वर्षीय वृद्ध मां का इस हादसे के बाद रो-रोकर बुरा हाल हो गया. परिवारों में कोहराम बचा है. आस पास की महिलाओं ने ढ़ाढ़स बंधाने में जुटी थी.
परिजन को मिला चार लाख का चेक
घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे करायपरसुराय के बीडीओ प्रेम राज, सीओ अरुण कुमार के द्वारा आपदा प्रबंधन राहत योजना के तहत मृतक के परिजन को चार लाख का चेक दिया गया एवं पीडि़त परिवार को अन्य प्रकार की सरकारी सहायता राशि व लाभ दिलाने का भरोषा दिया गया. इस मौके पर करायपरसुराय थानाध्यक्ष राकेश कुमार, चिकसौरा थानाध्यक्ष राजेश मालाकार समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे.

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