मुजफ्फरपुर से माधव कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर मॉडल अस्पताल के बड़े-बड़े दावों के बीच सदर अस्पताल की व्यवस्था की हकीकत बुधवार को सामने आ गई. पैर में प्लास्टर लगी एक महिला को अस्पताल में स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं कराया गया. मजबूर परिजन महिला को गोद में उठाकर अस्पताल परिसर में भटकते रहे, जबकि आसपास मौजूद सुरक्षा कर्मी और अस्पताल कर्मचारी देखते रहे.
परिजन कंधे पर ढोते रहे मरीज
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला इलाज के लिए अस्पताल पहुंची थी. जांच और इलाज प्रक्रिया के दौरान उसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की जरूरत पड़ी, लेकिन काफी देर तक स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया. इसके बाद परिजनों ने मजबूरी में महिला को गोद में उठाकर अस्पताल परिसर में इधर-उधर ले जाना शुरू किया.
घटना के दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने मोबाइल से वीडियो भी बनाया, जो बाद में चर्चा का विषय बन गया. लोगों ने सवाल उठाया कि जब अस्पताल को मॉडल अस्पताल बनाने का दावा किया जा रहा है, तो मरीजों को बुनियादी सुविधाएं तक क्यों नहीं मिल रही हैं.
पहले भी मॉडल अस्पताल की व्यवस्था पर उठ चुके हैं सवाल
यह पहली बार नहीं है जब सदर अस्पताल की व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में आई हैं. अस्पताल में पहले भी मरीजों और उनके परिजनों को मूलभूत सुविधाओं को लेकर परेशानी झेलनी पड़ी है.
अस्पताल आने वाले लोगों का कहना है कि कई बार स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और अन्य जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती हैं, जिससे मरीजों के साथ आए परिजनों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल आधुनिक भवन और बड़े दावे किसी अस्पताल को मॉडल नहीं बनाते, बल्कि मरीजों को समय पर सुविधाएं मिलना भी उतना ही जरूरी है.
