तिरहुत रेंज में अपराध नियंत्रण की रणनीति तैयार, विधानसभा चुनाव पर फोकस

Strategy for crime control prepared in Tirhut range

संवाददाता, मुजफ्फरपुर तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुमार कुशवाहा ने सोमवार को मासिक अपराध समीक्षा बैठक की. बैठक में मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर और वैशाली के पुलिस कप्तानों के साथ अपराध नियंत्रण, लॉ एंड ऑर्डर की मजबूती और आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने को लेकर रणनीति तय की गई.

बैठक में अगस्त माह में चारों जिलों में हुई बड़ी आपराधिक घटनाओं और पुलिस कार्रवाई की जानकारी ली गई. साथ ही गवाहों की उपस्थिति बढ़ाने और लंबित मामलों को तेजी से निपटाने पर जोर दिया गया. अगस्त माह में तिरहुत क्षेत्र की अदालतों में कुल 1,686 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए, जिनमें 363 पुलिस अधिकारी, 46 चिकित्सक और 1,277 अन्य गवाह शामिल थे.

अभियुक्तों पर सजा

अगस्त में मुजफ्फरपुर जिले में 143, वैशाली में 220, सीतामढ़ी में 185 और शिवहर में 134 मामलों में कुल 1,152 अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया. इनमें से 17 को कठोर सजा सुनाई गई—दो को आठ साल, पांच को 10 साल, एक को 20 साल और नौ को आजीवन कारावास.

पुलिस अधिकारियों की पदोन्नति व कार्रवाई

बैठक में पुलिस निरीक्षक स्तर के 11 अधिकारियों की समीक्षा की गई. इनमें से नौ को वित्तीय उन्नयन का लाभ देने योग्य पाया गया, जबकि दो अयोग्य घोषित हुए. वहीं, बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत करने और तीन से कम मामलों का निपटारा करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया गया.

मामलों का निपटारा

अगस्त माह में तिरहुत क्षेत्र में 3,143 मामले दर्ज किए गए, जबकि 3,653 मामलों का निपटारा किया गया, यानी दर्ज मामलों से 510 अधिक. मुजफ्फरपुर में विशेष प्रतिवेदन-02 के तहत 390 मामलों में कार्रवाई की गई, जिसके लिए सिटी एसपी और ग्रामीण एसपी को प्रशस्ति पत्र दिया गया.

गुंडा नियंत्रण और चुनाव तैयारी

बैठक में 782 गुंडा प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए. इसके अलावा 739 नए गुंडों के नाम रजिस्टर में दर्ज करने का आदेश दिया गया, जिनमें से 690 नाम दर्ज हो चुके हैं. मुजफ्फरपुर जिले ने अगस्त में सबसे अधिक 160 अपराधियों के खिलाफ सीसीए-थ्री का प्रस्ताव पेश किया.

डीआईजी ने निर्देश दिया कि लंबित वारंट, इश्तेहार और कुर्की अधिपत्रों को 15 दिनों में तामील किया जाए. सात साल या उससे अधिक सजा काट चुके अपराधियों का ई-डोजियर खोला जाए और उनके रिश्तेदारों व जमानतदारों का विवरण दर्ज किया जाए.

त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था

डीआईजी ने त्योहारों के मद्देनजर बैंक, वित्तीय संस्थानों, ज्वेलरी शॉप और ग्राहक सेवा केंद्रों की सुरक्षा की समीक्षा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सीसीटीवी और बर्गलर अलार्म जैसे उपकरणों की जांच हो तथा संबंधित संस्थानों के प्रमुखों के साथ बैठक की जाए.

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By CHANDAN

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