माधव 37 व 38
एसएसपी ने मोतीझील व उसके आसपास की चार दुकानों में की जांचपुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चल रहा है ऑपरेशन हथियार जाल
शस्त्र व कारतूस पंजी में आमद व खपत के स्टॉक का किया मिलानसंवाददाता, मुजफ्फरपुर ऑपरेशन हथियार जाल के तहत मुजफ्फरपुर में भी पुलिस ने लाइसेंसी शस्त्र दुकानों पर सख्ती बढ़ा दी है. पूर्णिया व खगड़िया में मृत लाइसेंसधारकों के नाम पर अवैध कारतूसों की कालाबाजारी पकड़े जाने के बाद जिला पुलिस सतर्क है. बुधवार को एसएसपी सुशील कुमार, एएसपी टाउन वन सुरेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मोतीझील, दीवान रोड व उसके आसपास स्थित चार शस्त्र दुकानों (गन हाउस) में औचक जांच की. एसएसपी ने हर दुकान के स्टॉक रजिस्टर की गहनता से जांच की और शस्त्र व कारतूस पंजी में आमद व खपत के स्टॉक का मिलान किया. हालांकि, इन चारों दुकानों में जांच के दौरान गड़बड़ी नहीं मिली. एसएसपी ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि वे कारतूस के आमद व खर्च से संबंधित स्टॉक को अपडेट रखें. उन्होंने कहा-गड़बड़ी पाये जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी.
पूर्णिया व खगड़िया में मिली थी गड़बड़ी
अभियान की शुरुआत में खगड़िया व पूर्णिया में मृत लाइसेंसधारकों के नाम पर बड़ी मात्रा में गोलियों की खरीद किए जाने का खुलासा हुआ है. खगड़िया में यह मामला इतना गंभीर था कि जांच में मृत व्यक्ति के नाम से दर्जनों राउंड गोलियां उठायी गयी थी. वहीं, पूर्णिया में एक गन हाउस से मृत लाइसेंसधारी के नाम पर 200 से अधिक राउंड गोलियां बेची गयी थीं, जिससे अवैध हथियारों के नेटवर्क में इनकी संलिप्तता का संदेह गहरा गया है. इन खुलासों के बाद से अन्य जिलों में भी पुलिस लगातार अलर्ट पर है.”ऑपरेशन हथियार जाल” का उद्देश्य
पुलिस मुख्यालय ने अवैध हथियार व कारतूस आपूर्ति के नेटवर्क को तोड़ने के लिए ”ऑपरेशन हथियार जाल” शुरू किया है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कारतूस की सप्लाई के नेटवर्क को ध्वस्त करना है. मृत लाइसेंसधारकों के नाम पर गोलियों की खरीद कर उनकी कालाबाजारी करने वालों पर नकेल कसना है. डीजीपी ने सभी एसडीपीओ को निर्देश दिये थे कि वे अपने-अपने अनुमंडल की सभी शस्त्र दुकानों की भौतिक जांच करें.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
