Paperless Property Registration: जिले में जमीन-जायदाद की खरीद-बिक्री और निबंधन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. निबंधन विभाग की 'पेपरलेस रजिस्ट्री' योजना के तहत पारंपरिक कातिब (दस्तावेज नवीस) अब सर्विस प्रोवाइडर की नई भूमिका में नजर आएंगे.
150 कातिबों ने किया आवेदन, आज जारी होगा लाइसेंस
जिला निबंधन कार्यालय द्वारा नए नियमों के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए थे.
- आवेदकों की संख्या: जिले के कुल 153 लाइसेंसधारी कातिबों में से 150 ने सर्विस प्रोवाइडर लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है.
- लाइसेंस वितरण: दस्तावेजों की जांच और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इन आवेदकों को गुरुवार को नया लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा.
- फायदे: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल से जुड़ने से फर्जी दस्तावेजों, स्टाम्प गड़बड़ियों और अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगेगी.
अधिवक्ताओं को भी मिलेगा लाइसेंस, पूरी तरह डिजिटल होगी प्रक्रिया
निबंधन विभाग ने नई व्यवस्था में कातिबों के साथ-साथ अधिवक्ताओं को भी सर्विस प्रोवाइडर लाइसेंस देने का प्रावधान किया है.
- एक जगह मिलेंगी सुविधाएं: ई-स्टाम्प, ऑनलाइन शुल्क भुगतान, स्लॉट बुकिंग और दस्तावेज तैयारी का काम एक ही स्थान पर हो सकेगा.
- हस्तलिखित दस्तावेजों से मुक्ति: पारंपरिक हस्तलिखित दस्तावेजों की जगह अब निर्धारित डिजिटल प्रारूप में दस्तावेज तैयार होंगे, जिससे समय और खर्च दोनों बचेंगे. इस बदलाव से Paperless Property Registration की शुरुआत हो रही है.
ये भी पढ़ें: मुजफ्फरपुर में खुली आधुनिक बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी की सुविधा, आभा स्पर्श क्लिनिक का शुभारंभ
