Bihar Panchayat News: मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के तहत जारी राशि के उपयोग को लेकर पंचायती राज विभाग ने सभी जिलों को सख्त निर्देश जारी किया है. विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों को भेजे गए 225 करोड़ रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) जल्द से जल्द मुख्यालय को उपलब्ध कराने को कहा है.
कई जिलों से अब तक नहीं मिली रिपोर्ट
विभागीय सूत्रों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल का जल पहुंचाने और योजनाओं के संचालन व रखरखाव के लिए यह राशि जारी की गई थी. हालांकि निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद कई जिलों ने अब तक उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है. इससे विभाग को लेखा समायोजन और योजनाओं की समीक्षा में परेशानी हो रही है.
डीडीसी और डीपीआरओ को भेजा गया पत्र
पंचायती राज विभाग ने सभी संबंधित जिलों के उप विकास आयुक्त (DDC) और जिला पंचायती राज पदाधिकारी (DPRO) को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि आवंटित राशि का पूरा हिसाब और नियमानुसार उपयोगिता प्रमाण पत्र बिना देरी के मुख्यालय भेजा जाए.
देरी होने पर अगली किस्त पर पड़ सकता है असर
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन पंचायतों या जिलों की ओर से समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा, वहां भविष्य में मिलने वाले वित्तीय आवंटन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. यानी नई योजनाओं या अगली राशि के आवंटन में देरी या रोक लगाई जा सकती है.
क्या है मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना?
मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है. इस योजना का संचालन और रखरखाव पंचायतों के माध्यम से किया जाता है. विभाग का मानना है कि समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र मिलने से योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहेगी और भौतिक सत्यापन भी आसान होगा.
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