मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड के बाद प्रशासन सख्त, तिरहुत कमिश्नर का आदेश निजी स्कूलों और कोचिंग की होगी जांच

मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड के बाद प्रशासन ने निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच का आदेश दिया है. तिरहुत कमिश्नर ने तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है और बिना मान्यता या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है. पढ़ें पूरी खबर…

मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपोर्ट

Muzaffarpur News: ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में आग लगने की घटना के बाद प्रशासन ने निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच कराने का निर्णय लिया है. बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने प्रमंडल के सभी निजी शिक्षण संस्थानों की जांच का निर्देश दिया है.

इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविन्द सिन्हा ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को पत्र जारी कर तीन दिनों के भीतर अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है.

फायर सेफ्टी और मान्यता की होगी जांच

आयुक्त ने निर्देश दिया है कि सभी निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए. साथ ही यह भी जांच की जाए कि संबंधित भवन स्वीकृत नक्शे के अनुरूप निर्मित है या नहीं तथा संस्थान को सक्षम बोर्ड या प्राधिकरण से वैध मान्यता प्राप्त है अथवा नहीं.

उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों और वैधानिक प्रक्रियाओं की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.

15 बिंदुओं पर तैयार होगी रिपोर्ट

जांच के दौरान संस्थानों से निबंधन संख्या, मान्यता प्रमाणपत्र, स्वीकृत भवन नक्शा, आपातकालीन निकास व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और वैध फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र की जानकारी ली जाएगी.

इसके अलावा विद्यालय वाहनों की फिटनेस, स्पीड गवर्नर, जीपीएस व्यवस्था, चालकों के पुलिस सत्यापन तथा परिसर में फायर ब्रिगेड, पुलिस, एम्बुलेंस और सिविल सर्जन के आपातकालीन नंबरों के प्रदर्शन की भी जांच की जाएगी. विद्यार्थियों की सुरक्षा से संबंधित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी मूल्यांकन किया जाएगा.

जांच में सहयोग नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई

डीईओ ने सभी बीईओ को स्वयं भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है. वहीं निजी स्कूलों के प्राचार्यों और कोचिंग संस्थानों के संचालकों को जांच टीम को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने और पूर्ण सहयोग देने को कहा गया है.

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई संस्थान जांच में सहयोग नहीं करता, आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराता या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध सीलिंग, तालाबंदी और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

कमिश्नर ने दी सख्त चेतावनी

तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने कहा कि मुजफ्फरपुर अस्पताल जैसी घटना की पुनरावृत्ति किसी भी शिक्षण संस्थान में नहीं होने दी जाएगी. सुरक्षा मानकों और मान्यता से समझौता करने वाले संस्थानों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी.

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By Sarfaraz Ahmad

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