मुजफ्फरपुर से प्रभात कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी जान की परवाह न कर दूसरों की मदद करने वाले लोगों और संगठनों को अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिलेगी. गृह मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से ‘सुभाषचंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार’ देने की घोषणा की गई है. इसी कड़ी में तिरहुत प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने प्रमंडल के सभी जिलाधिकारियों (डीएम) को पत्र भेजकर उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संगठनों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं, ताकि समय पर उनका नामांकन सुनिश्चित किया जा सके.
पंचायत स्तर पर चलाया जाएगा व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान
प्रमंडलीय आयुक्त ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर काम करने वालों को इस पुरस्कार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया है. उन्होंने निर्देश दिया है कि इसके लिए पंचायत स्तर पर व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाए. इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण और सुदूर इलाकों में भी अगर किसी व्यक्ति या संस्था ने बाढ़, आगजनी या अन्य आपदा के समय सराहनीय काम किया है, तो वे इस पुरस्कार की दौड़ से बाहर न छूटें.
दो श्रेणियों में मिलेगा सम्मान, गुमनाम नायकों को आगे लाने की कोशिश
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मुख्य रूप से दो श्रेणियों— व्यक्तिगत और संस्थागत में दिया जाता है. राज्य और जिला स्तर पर कई ऐसे गुमनाम नायक या संगठन होते हैं, जो संकट के समय सबसे आगे आकर मोर्चा संभालते हैं. उनके इसी जज्बे और हौसले को प्रोत्साहित करने के लिए इस पुरस्कार के तहत विजेताओं को नकद राशि और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाता है.
इन मानकों पर परखा जाएगा काम, ऑनलाइन होगा नामांकन
पुरस्कार के लिए गृह मंत्रालय ने कुछ कड़े और स्पष्ट मानक निर्धारित किए हैं. इसके तहत मुख्य रूप से संकट के समय लोगों की जान बचाना, आपदाओं की सटीक पूर्व चेतावनी देना, राहत और बचाव कार्य चलाना, प्रभावितों का पुनर्वास और आपदा प्रबंधन में तकनीकी नवाचार (इन्नोवेशन) जैसे कार्यों को आधार बनाया जाएगा. योग्य व्यक्ति या संगठन सीधे ‘नेशनल अवार्ड पोर्टल’ पर जाकर ऑनलाइन नामांकन दर्ज करा सकते हैं.
