मुजफ्फरपुर से चंदन सिंह की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: राज्य में नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक प्रमाण-पत्रों की जांच कर रही निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने जिले में बड़ी कार्रवाई की है.कुढ़नी प्रखंड के दो अलग-अलग स्कूलों में कार्यरत एक शिक्षिका और एक शिक्षक के खिलाफ जाली दस्तावेज के आधार पर नौकरी पाने के आरोप में मनियारी थाने में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई है. ये एफआइआर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना के पुलिस निरीक्षक सह जांचकर्ता दिवाकर कुमार दिनकर के बयान पर दर्ज की गई हैं. दोनों प्राथमिकियां दर्ज होने के बाद जांचकर्ता दिवाकर कुमार दिनकर ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को पत्र लिखकर इसकी आधिकारिक सूचना दी है. पत्र के माध्यम से उन्होंने फर्जी प्रमाण-पत्रों के सहारे बहाल दोनों शिक्षकों के खिलाफ अविलंब अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है. निगरानी विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से शिक्षा विभाग और शिक्षक नियोजन इकाइयों में हड़कंपमच गया है. निगरानी ब्यूरो ने प्राथमिकी में कहा है कि दोनों आरोपियों ने अज्ञात बिचौलियों व नियोजन इकाई के सदस्यों के साथ आपराधिक साजिश रचकर जाली दस्तावेज तैयार किए. उन्होंने धोखाधड़ी से नियोजन पाकर अब तक वेतन के रूप में मोटी सरकारी राशि का सदोष लाभ उठाया है.
हिंदी विद्यापीठ देवघर के निकले फर्जी सर्टिफिकेट
जांचकर्ता ने बताया कि पटना हाइकोर्ट के द्वारा पारित आदेश के आलोक में निगरानी ब्यूरो वर्ष 2006 से 2015 के बीच नियोजित शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की सघन जांच कर रहा है. इसी क्रम में कुढ़नी प्रखंड के दो शिक्षकों के दस्तावेज जांच के लिए हिंदी विद्यापीठ, देवघर झारखंड भेजे गए थे. वहां के कुलसचिव ने रिपोर्ट दी कि ये सर्टिफिकेट उनके कार्यालय से कभी जारी ही नहीं की गई थीं और ये पूरी तरह फर्जी हैं. इसके बावजूद दोनों आरोपियों ने हाइकोर्ट के आदेश पर दी गई मोहलत में अपना इस्तीफा भी नहीं सौंपा था.
केस 1: शिक्षिका निर्मला सिंह का इंटर का सर्टिफिकेट निकला जाली
मनियारी थाने में दर्ज पहली प्राथमिकी में ग्राम पंचायत नियोजन इकाई अख्तियारपुर परैया (प्रखंड कुढ़नी) के तहत वर्ष 2005 में निर्मला सिंह (पति मनोज कुमार सिंह, ग्राम बलरा किशुन) का नियोजन पंचायत शिक्षिका के पद पर हुआ था. वह वर्तमान में मध्य विद्यालय बलरा किशुन में कार्यरत हैं. जांच में उनका स्वअभिप्रमाणित इंटर ) का प्रमाण-पत्र (वर्ष 1999, रोल नंबर 273) पूरी तरह जाली पाया गया.
केस 2: शिक्षक संजय कुमार राम की स्नातक की डिग्री फर्जी
वहीं दूसरी प्राथमिकी में ग्राम पंचायत नियोजन इकाई राज पकाही (प्रखंड कुढ़नी) के तहत नियोजित शिक्षक संजय कुमार राम (पिता स्व०सुकदेव राम, निवासी बाघी हरिनारायण) को नामजद किया गया है. संजय कुमार राम वर्तमान में राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बाघी माधो में पंचायत शिक्षक के पद पर तैनात हैं. जांच में उनके द्वारा जमा किया गया स्नातक (साहित्यालंकार) का प्रमाण-पत्र (वर्ष 1998, रोल नंबर 20) फर्जी मिला है. साजिश के तहत सरकारी राशि हड़पने का आरोप
