मुजफ्फरपुर: सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का टोटा, एक ही हॉल में चल रही हैं दो-दो कक्षाएं

Muzaffarpur News: सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है. नए सत्र के आंतरिक सर्वे के अनुसार, कमरों की कमी से एक ही हॉल में कई कक्षाएं चल रही हैं, जिसके बाद प्रधानाध्यापकों ने डीइओ को बदहाली की रिपोर्ट भेजी है. जानिए पूरी खबर…

मुजफ्फरपुर से विनय की रिपोर्ट

Muzaffarpur News: बिहार सरकार भले ही शिक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और स्कूलों की सूरत बदलने के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन मुजफ्फरपुर जिले में जमीनी हकीकत आज भी बेहद कड़वी है. नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही शिक्षा विभाग द्वारा कराए गए आंतरिक सर्वे में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिले के कई प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में बच्चों को बैठने के लिए पर्याप्त कमरे तक नहीं हैं.

एक ही कमरे में गणित का पहाड़ा और विज्ञान की पढ़ाई साथ-साथ

कमरों की भारी कमी के कारण जिले के कई स्कूलों में एक ही कमरे या हॉल में दो या दो से अधिक कक्षाएं एक साथ संचालित करने की मजबूरी है. स्थिति इतनी बदतर है कि एक ही कमरे में एक तरफ तीसरी क्लास के बच्चे गणित का पहाड़ा सीख रहे होते हैं, तो दूसरी तरफ चौथी के बच्चे विज्ञान पढ़ रहे होते हैं. इस शोरगुल और अव्यवस्था के बीच बच्चे कितना सीख पा रहे होंगे, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है. जिले के कई स्कूल प्रधानाध्यापकों ने इस बदहाली की पूरी रिपोर्ट तैयार कर जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को भेजी है.

ऑफिस, क्लासरूम और रसोई सब एक जगह, बर्तन खड़कने के बीच पढ़ाई

सर्वे के अनुसार, जगह की कमी का आलम यह है कि कई स्कूलों में प्रधानाध्यापक का कार्यालय, मिड-डे मील की रसोई और बच्चों की कक्षाएं सब कुछ एक ही जगह संचालित हो रही हैं. एक तरफ जहां गुरुजी प्रशासनिक फाइलों को खंगाल रहे होते हैं, वहीं दूसरी तरफ बर्तनों की आवाज के बीच बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं. इसके अलावा कई विद्यालयों की छतें जर्जर हैं, जिससे बारिश का मौसम आते ही पानी टपकने लगता है और पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो जाती है.

विभाग जल्द कराएगा अतिरिक्त कमरों का निर्माण: डीपीओ

इस मामले में समग्र शिक्षा (SS) के डीपीओ सुजीत कुमार दास ने बताया कि विभाग लगातार स्कूलों के जीर्णोद्धार और बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने का प्रयास कर रहा है. जिन विद्यालयों में कमरों की भारी कमी सामने आई है, वहां प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं ताकि बच्चों को बेहतर माहौल मिल सके.

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लेखक के बारे में

सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

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