मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: जिले में बेटियों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए चलाए जा रहे गार्डासिल वैक्सीनेशन अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है. जून महीने की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जिले की 81% बेटियों ने गार्डासिल वैक्सीन ले ली है. अभियान की सफलता को देखते हुए जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एसके पांडे ने सभी पीएचसी प्रभारियों को 81 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. बेटियों की सुविधा के लिए सदर अस्पताल और सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में विशेष और अलग काउंटर बनाए गए हैं, जहां आसानी से वैक्सीन लगाई जा रही है.
लापरवाही पर एक्शन, दो प्रखंडों से मांगा स्पष्टीकरण
एक तरफ जहां पूरा जिला 81% का आंकड़ा पार कर चुका है, वहीं मुरौल (610) और गायघाट (1216) प्रखंडों में गार्डासिल वैक्सीन लगाने की रफ्तार काफी धीमी पाई गई है. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों प्रखंडों के संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है. विभाग ने साफ किया है कि बेटियों की सेहत से जुड़े इस बेहद महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
क्या है गार्डासिल वैक्सीन और कहां कितना हुआ टीकाकरण
गार्डासिल वैक्सीन मुख्य रूप से बेटियों को भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय के कैंसर) और एचपीवी संक्रमण से बचाने के लिए दी जाती है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अब तक कुल 45,234 बेटियों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है. इसमें सबसे अधिक मुशहरी में 6,168, मोतीपुर में 3,814, मीनापुर में 3,782 और पारु में 3,740 बेटियों का टीकाकरण हुआ है. इसके अलावा साहेबगंज में 2830, बंदरा में 1809, सकरा में 3392, सरैया में 3625, कांटी में 2903, कटरा में 2423, बोचहां में 2348, मड़वन में 1361, औराई में 2445 और कुढ़नी में 3268 बेटियों को यह जीवन रक्षक टीका दिया जा चुका है.
