मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: जिले में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर एक बेहद सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है. अब परिवार नियोजन की जिम्मेदारी सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुरुष भी इसमें बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभा रहे हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, लोग अब पारंपरिक बंध्याकरण के बजाय आधुनिक विकल्पों को तेजी से अपना रहे हैं.
पांच महीने में कंडोम के 2.11 लाख से अधिक पैकेट इस्तेमाल
पिछले पांच महीनों के सरकारी आंकड़े बताते हैं कि जिले में पुरुषों ने रिकॉर्ड 2,11,511 पैकेट कंडोम का इस्तेमाल किया है. यह आंकड़ा दर्शाता है कि पुरुष जिम्मेदारी उठाने के लिए आगे आ रहे हैं, जिससे अनचाहे गर्भ के साथ-साथ संक्रमण से भी सुरक्षा मिल रही है.
महिलाओं ने भी अपनाए अंतरा, छाया और माला-डी जैसे आधुनिक साधन
परिवार नियोजन में महिलाएं भी पीछे नहीं हैं. आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में 85,893 महिलाओं ने साप्ताहिक गर्भनिरोधक गोली ‘छाया’ का विकल्प चुना. वहीं, 38,541 महिलाओं ने ‘अंतरा’ इंजेक्शन लगवाया. इसके अलावा, 63,794 महिलाओं ने ‘माला-डी’ और अन्य गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल कर अनचाहे गर्भ से दूरी बनाई है.
‘कंडोम पेटिका’ से बनी रही गोपनीयता, संकोच हुआ दूर
इस सफलता के पीछे स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाई गई ‘कंडोम पेटिका’ (कंडोम बॉक्स) की बड़ी भूमिका है. मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि सभी पीएचसी और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर यह बॉक्स ऐसे स्थानों पर लगाए गए हैं, जहां लोगों की गोपनीयता बनी रहे. इससे लोगों का संकोच दूर हुआ है और मुफ्त उपलब्धता के कारण जेब पर भी कोई बोझ नहीं पड़ रहा है.
