मुजफ्फरपुर से प्रभात कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर समेत पूरे बिहार के ग्रामीण इलाकों में अब हर महीने पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं की समीक्षा और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल शुरू होने जा रही है. पंचायती राज विभाग ने निर्णय लिया है कि राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से “पंचायत विकास दिवस” मनाया जाएगा. इसका उद्देश्य गांवों में विकास कार्यों की पारदर्शिता बढ़ाना और ग्रामीणों को सीधे निर्णय प्रक्रिया से जोड़ना है.
हर महीने के अंतिम रविवार को होगा आयोजन
पंचायती राज विभाग के सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं. तय कार्यक्रम के अनुसार प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक पंचायत विकास दिवस का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जाएगा. इस दौरान पंचायत स्तर पर चल रही योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी.
ग्राम स्वराज और सतत विकास पर रहेगा फोकस
विभाग का मानना है कि संविधान के 73वें संशोधन के तहत ग्राम पंचायतों को जो अधिकार मिले हैं, उनका प्रभावी उपयोग तभी संभव है जब ग्रामीणों की भागीदारी बढ़े. पंचायत विकास दिवस के जरिए वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में काम किया जाएगा. इसके लिए 17 लक्ष्यों को नौ अलग-अलग विषयों में विभाजित किया गया है.
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी होगी सुनिश्चित
बैठक में ग्राम सभा के सदस्यों के अलावा सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्यों को भी लिखित सूचना भेजी जाएगी. इससे विकास योजनाओं पर व्यापक चर्चा और बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो सकेगा.
योजनाओं का पूरा लेखा-जोखा रखा जाएगा
बैठक की अध्यक्षता मुखिया करेंगे. उनकी अनुपस्थिति में उपमुखिया या ग्राम सभा द्वारा चुना गया व्यक्ति बैठक संचालित करेगा. इस दौरान पंचायत की योजनाओं, प्रस्तावित कार्यों और खर्च किए गए धन का पूरा ब्यौरा ग्रामीणों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा.
