मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: उत्तर बिहार के प्रमुख बैरिया बस स्टैंड के कायाकल्प की कवायद अब तेज हो गई है. अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) के तहत बस स्टैंड के पुनर्विकास की प्रक्रिया को धरातल पर उतारने के लिए शनिवार को केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की एक विशेष टीम ने मुजफ्फरपुर का दौरा किया. टीम ने मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सह नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह के साथ बस स्टैंड परिसर और इसके आसपास के इलाकों का बारीकी से निरीक्षण किया.
बुनियादी सुविधाओं और बेहतर पार्किंग पर है विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय टीम ने बस स्टैंड पर यात्रियों की मौजूदा संख्या, बसों की आवाजाही, पार्किंग प्रबंधन, सड़क संपर्क, सीवरेज, वर्षा जल निकासी और बिजली व्यवस्था जैसी आधारभूत सुविधाओं का गहन आकलन किया. टीम ने उपलब्ध सरकारी भूमि के अधिकतम उपयोग और यात्रियों की सुविधा के लिए भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की. इस दौरान अतिरिक्त बस पार्किंग की संभावनाओं और स्टैंड को ‘यात्री-अनुकूल’ परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करने के रोडमैप पर भी विचार-विमर्श किया गया.
104 करोड़ रुपये की राशि से संवरेगा बस स्टैंड
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पहले चरण में 50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के बाद, अब बैरिया बस स्टैंड को अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) के जरिए 104 करोड़ रुपये की लागत से एक विश्वस्तरीय टर्मिनल बनाने की योजना है. नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड का साझा लक्ष्य इसे उत्तर बिहार का सबसे आधुनिक बस अड्डा बनाना है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी दस्तावेज, डीपीआर और नक्शे समय पर मंत्रालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, ताकि अंतिम प्रस्ताव को मंजूरी मिल सके. इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल यात्रियों को सुरक्षित और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि मुजफ्फरपुर शहर में यातायात का दबाव भी कम होगा. केंद्रीय टीम के सुझावों को अब डीपीआर में शामिल कर योजना को गति दी जाएगी, जिससे शहरवासियों को लंबे समय से प्रतीक्षित आधुनिक बस टर्मिनल की सौगात मिल सके.
