Land Dispute Muzaffarpur: मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चंदवारा जगन्नाथ मिश्रा कॉलेज के सामने लीची गाछी स्थित पुश्तैनी जमीन को लेकर 22 अगस्त को हुई अंधाधुंध फायरिंग मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. पुलिस की टीमें दर्ज प्राथमिकी के आधार पर नामजद आरोपियों और 100 से 200 अज्ञात उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं.
Muzaffarpur Firing News: पुश्तैनी जमीन पर काम के दौरान हुआ था विवाद
मामले को लेकर सिकंदरपुर के चंदवारा आजाद टोला निवासी पीड़ित सुरेश कुमार ने अहियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है. दर्ज शिकायत के अनुसार 17 अगस्त को सुरेश अपनी पुश्तैनी जमीन पर काम करा रहे थे. तभी आदित्य कुमार उर्फ दीपू साह, उमेश साह और सुमन राय समेत अन्य लोगों ने पहुंचकर काम रुकवा दिया. इसके बाद 22 अगस्त को कागजात दिखाकर मामले के निपटारे के लिए पंचायती तय की गई थी.
डायल 112 की टीम के जाते ही भड़का बवाल
तय समय के अनुसार 22 अगस्त को दोपहर 12 बजे जब दोनों पक्ष जुटे, तो भीड़ देखकर डायल 112 की टीम पहुंची. पुलिस ने शांति बनाए रखने की हिदायत दी और वहां से चली गई. आरोप है कि पुलिस गश्ती टीम के जाते ही माहौल बिगड़ गया. नामजद आरोपियों ने पंचायती करने से साफ इनकार कर दिया और गाली-गलौज शुरू कर दी.
50 लाख की रंगदारी न देने पर फायरिंग और जान से मारने की धमकी
पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने जमीन अपने नाम रजिस्ट्री करने या 50 लाख रुपये रंगदारी देने की मांग की. विरोध करने पर आरोपियों ने गोलियां चलाना शुरू कर दिया. सुरेश कुमार और उनके भाई नरेश कुमार किसी तरह जान बचाकर भागे. सूचना पर पहुंची अहियापुर थाना पुलिस ने घटनास्थल से दो खोखा बरामद किए.
अमीन समेत 11 नामजद और 200 अज्ञात पर एफआईआर
पुलिस ने सुरेश कुमार के आवेदन पर आदित्य कुमार, उमेश साह, रंजू साह, संजय साह, सोनू साह, सुमन राय, अनिल मिश्रा (अमीन), मिस्टर खान, राहुल, अमन और राजा साह समेत 11 नामजद व 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. थानाध्यक्ष शरत कुमार ने बताया कि दारोगा साहुल कुमार को जांच सौंपी गई है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी.
