Muzaffarpur Breaking News: केंद्रीय चयन परिषद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही पदों की लिखित परीक्षा के दौरान मुजफ्फरपुर में परीक्षा में अनियमितता की कोशिश का मामला सामने आया है. पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के कारण दो संदिग्ध अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया है. दोनों से पूछताछ के बाद विशेष टीम अन्य संभावित कड़ियों की तलाश में छापेमारी कर रही है.
गिरफ्तार दोनों युवकों की पहचान भोजपुर जिले के रहने वाले पंकज कुमार और प्रकाश कुमार के रूप में की गई है.
चैपमैन स्कूल से पकड़ा गया पहला अभ्यर्थी
जानकारी के अनुसार रविवार को आयोजित परीक्षा के दौरान चैपमैन स्कूल परीक्षा केंद्र पर जांच के क्रम में एक अभ्यर्थी के पास इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होने की सूचना मिली. इसके बाद जांच में पंकज कुमार को हिरासत में लिया गया. पुलिस के अनुसार उसके पास से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किया गया, जिसके आधार पर आगे की पूछताछ शुरू की गई.
निशानदेही पर दूसरे केंद्र से हुई गिरफ्तारी
पंकज कुमार से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने राधा कृष्ण केडिया स्कूल परीक्षा केंद्र में कार्रवाई की. वहां से भोजपुर जिले के ही प्रकाश कुमार को गिरफ्तार किया गया. दोनों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि परीक्षा में किसी संगठित गिरोह या नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है.
पटना और आरा में चल रही छापेमारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर एक विशेष टीम पटना और आरा के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि परीक्षा में अनियमितता की कोशिश के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं.
22 केंद्रों पर आयोजित हुई परीक्षा
रविवार को शहर के 22 परीक्षा केंद्रों पर केंद्रीय चयन परिषद की लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी. प्रथम पाली की परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों का रिपोर्टिंग समय सुबह आठ बजे निर्धारित था, जबकि द्वितीय पाली के लिए दोपहर एक बजे रिपोर्टिंग का समय तय किया गया था. परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और अभ्यर्थियों की सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा था.
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर था पूर्ण प्रतिबंध
परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित था. सभी अभ्यर्थियों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच की गई. अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए थे. इसी सतर्कता के कारण संदिग्ध गतिविधियों का पता चल सका.
जांच के बाद होगा खुलासा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों गिरफ्तार युवकों से पूछताछ जारी है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला व्यक्तिगत स्तर का था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था. फिलहाल पुलिस और प्रशासन परीक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं.
