मार्केट में शाही लीची अब लंबे समय तक मिलेगी, मोतीपुर मेगा फूड पार्क में बनने जा रहा स्पेशल पैक हाउस

उत्तर बिहार के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. मोतीपुर मेगा फूड पार्क को आधुनिक एग्रो प्रोसेसिंग हब बनाने का काम तेज हो गया है. शाही लीची को भी लंबे समय तक ताजा बनाए रखने के लिए स्पेशल पैक हाउस तैयार होने वाला है.

Motipur Mega Food Park: उत्तर बिहार के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है. मुजफ्फरपुर के मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित बियाडा मेगा फूड पार्क को अत्याधुनिक एग्रो प्रोसेसिंग हब बनाने की दिशा में काम तेज हो गया है. बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) ने फूड पार्क के कोर प्रोसेसिंग सेंटर में आधुनिक प्लांट, मशीनों की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, कमीशनिंग और टेस्टिंग के लिए टेंडर जारी कर दिया है. परियोजना पूरी होने के बाद किसानों को फसल के भंडारण, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी.

शाही लीची के लिए बनेगा स्पेशल पैक हाउस

कोल्ड स्टोर में लीची का भंडारण

मुजफ्फरपुर की विश्व प्रसिद्ध शाही लीची को लंबे समय तक ताजा रखने और निर्यात बढ़ाने के लिए मेगा फूड पार्क में विशेष पैक हाउस विकसित किया जाएगा. यहां प्रतिदिन 6-6 मीट्रिक टन क्षमता के दो प्री-कूलर लगाए जाएंगे. इसके अलावा 50 मीट्रिक टन क्षमता का आधुनिक कोल्ड स्टोर भी बनाया जाएगा, जिससे लीची की गुणवत्ता लंबे समय तक बरकरार रहेगी और उसे देश-विदेश के बाजारों तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा.

किसानों को मिलेगा आधुनिक भंडारण का लाभ

कोल्ड स्टोर में आलू प्याज का भंडारण

मोतीपुर-साहेबगंज स्टेट हाईवे पर स्थित मेगा फूड पार्क में बड़े पैमाने पर स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा. योजना के तहत 5,000 मीट्रिक टन क्षमता का प्याज कोल्ड स्टोर और 5,000 मीट्रिक टन क्षमता का आलू कोल्ड स्टोर बनाया जाएगा. इन आधुनिक कोल्ड स्टोरेज से किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी और उन्हें बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी.

केले की वैज्ञानिक तरीके से होगी रिपनिंग

वैज्ञानिक तरीके से केला पकाया जा रहा है

उत्तर बिहार के प्रमुख फल केले की गुणवत्ता सुधारने के लिए फूड पार्क में आधुनिक बनाना राइपनिंग सिस्टम लगाया जाएगा. इसके तहत 20-20 मीट्रिक टन क्षमता वाले कुल 20 बनाना राइपनिंग चैंबर स्थापित किए जाएंगे. इन चैंबरों में वैज्ञानिक तरीके से केले पकाए जाएंगे, जिससे फल की गुणवत्ता बेहतर होगी और बाजार में उसकी मांग भी बढ़ेगी.

किसान और उद्योग दोनों को होगा फायदा

मेगा फूड पार्क के आधुनिक बनने से मुजफ्फरपुर के साथ वैशाली, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी और आसपास के जिलों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. फसलों के सुरक्षित भंडारण, प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन से किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है. वहीं, फूड प्रोसेसिंग उद्योगों को भी बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मिलने से रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे.

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लेखक के बारे में

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.
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