मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपोर्ट
Govind Murder: मुजफ्फरपुर में कुख्यात अपराधी गोविंद कुमार की हत्या के बाद भी उसके खिलाफ प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई लगातार जारी है. अपराध से अर्जित संपत्तियों को बचाने और उनके संभावित हस्तांतरण को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. गोविंद और उसके करीबियों के नाम पर खरीदी गई जमीनों व वाहनों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है.
जमीनों की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह रोक
जिला अवर निबंधक कार्यालय ने गोविंद कुमार से जुड़ी चल और अचल संपत्तियों के हस्तांतरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. अब उसके नाम दर्ज जमीनों की रजिस्ट्री, बिक्री, खरीद या किसी प्रकार का केवाला नहीं हो सकेगा. प्रशासन को आशंका है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों को बचाने के लिए उन्हें अन्य लोगों के नाम ट्रांसफर किया जा सकता है.
वाहनों के स्वामित्व हस्तांतरण पर भी रोक
जिला परिवहन विभाग ने भी कार्रवाई करते हुए गोविंद या उसके करीबी लोगों के नाम दर्ज वाहनों के ओनरशिप ट्रांसफर की प्रक्रिया ब्लॉक कर दी है. इनमें एक फॉर्च्यूनर समेत तीन लग्जरी वाहन शामिल बताए जा रहे हैं. अब इन वाहनों की बिक्री या स्वामित्व परिवर्तन बिना प्रशासनिक अनुमति संभव नहीं होगा.
संपत्तियों की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस की जांच में सामने आया है कि गोविंद पर रंगदारी, जमीन कब्जाने और सुपारी लेकर हत्या कराने जैसे गंभीर आरोप थे. आरोप है कि उसने अवैध कमाई से अपने पिता और रिश्तेदारों के नाम पर कई कीमती जमीनें खरीदी थीं. मनियारी थाना पुलिस ने बीएनएसएस की धारा 107 के तहत इन संपत्तियों के जब्तीकरण और अधिग्रहण का प्रस्ताव न्यायालय को भेजा है.
