Bihar Floating Solar: बिहार में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जलाशयों पर फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाने की तैयारी तेज हो गई है. बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर उपयुक्त तालाब, जलाशय और रिजर्वायर की पहचान करने के निर्देश दिए हैं.
स्थल चयन के लिए निर्धारित मानदंड
बीएसपीएचसीएल ने जिलों से ऐसे जल स्रोतों का ब्योरा मांगा है जो इन शर्तों को पूरा करते हों:
- जल गहराई: सालभर कम से कम 3 मीटर पानी की गहराई उपलब्ध हो.
- क्षेत्रफल: न्यूनतम 10 एकड़ का जल क्षेत्र उपलब्ध होना अनिवार्य है.
- स्वामित्व व पहुंच: जलाशय पर सरकारी या स्थानीय निकाय का स्पष्ट स्वामित्व हो तथा निर्माण और संचालन के लिए सुगम पहुंच हो.
फ्लोटिंग सोलर प्लांट से होने वाले प्रमुख फायदे
कंपनी का मानना है कि इस पहल से बिना अतिरिक्त भूमि के सौर ऊर्जा उत्पादन में तेजी आएगी.
- जमीन की बचत: कृषि या व्यावसायिक उपयोग वाली कीमती जमीन का अधिग्रहण नहीं करना पड़ेगा.
- अधिक बिजली उत्पादन: पानी की शीतलता के कारण सोलर पैनलों की कार्यक्षमता बढ़ती है, जिससे उत्पादन बेहतर होता है.
- पानी का वाष्पीकरण कम: पैनलों से धूप ढकने के कारण जलाशयों का पानी कम भाप बनकर उड़ता है.
- पर्यावरण संरक्षण: कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा.
जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद परियोजना की व्यवहार्यता जांच कर आगे की प्रक्रिया तेजी से शुरू की जाएगी.
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