: इडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में मामला दर्ज कर शुरू किया अनुसंधान : नगर थाने की पुलिस से दूसरी बार संपर्क साध मांगी विस्तृत जानकारी : गिरफ्तार किये गये जफर व नितेश सिंह के बारे में जुटा रही ब्योरा संवाददाता, मुजफ्फरपुर जिले में पीएनबी से 2021 में हुए पांच करोड़ से अधिक के फ्रॉड में इडी (प्रवर्तन निदेशालय) कोलकाता व बेंगलुरु के साइबर अपराधियों की कुंडली खंगाल रही है. इडी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए आरोपियों के साथ-साथ उनके सहयोगियों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. एक माह के अंदर में नगर थाने की पुलिस से इडी ने दूसरी बार संपर्क साधी है. इस दौरान केस में जेल भेजे गये मो. जफर इकबाल और कैशियर नीतीश कुमार सिंह जैसे मुख्य आरोपियों का नाम लिया गया है और उनसे जुड़ी सभी वित्तीय गतिविधियों का ब्योरा मांगा गया है. इसमें उनके बैंक खातों से किये गये लेन-देन, उनसे जब्त की गई नकद राशि और अन्य संपत्तियों की जानकारी मांगी गयी है. इडी ने यह भी कहा है कि पुलिस की जांच में कोलकाता के साइबर फ्रॉड मो. सादिक, सोमनाथ डे, तापसी डे, समीर दा और सईद व शाहिद और बेंगलुरु के 60 से अधिक घोस्ट अकाउंट के धारक के बारे में जानकारी मांगी है. साइबर अपराधियों जिनके खाते में पीएनबी से फ्रॉड की गयी राशि को भेजा गया था. उन खातों से हुई नकद निकासी के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है. इन खातों से निकाले गये पैसों का स्रोत और गंतव्य इस जांच का अहम हिस्सा है. मालूम हो कि इडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में मामला दर्ज करके अनुसंधान शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में नगर थाने में दर्ज रिटायर्ड प्रोफेसर मीना कुमारी के खाते से एक करोड़ सात लाख रुपये व रिटायर्ड बीएसएनएल कर्मी रामदेव राम के खाते से हुए 24 लाख के फ्रॉड के केस के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी गयी है. प्रवर्तन निदेशालय पटना जोनल ऑफिस के असिस्टेंट डायरेक्टर राजेंद्र सिंह ने नगर थानेदार को पत्र भेजकर थाने में 2021 में तीन जुलाई व 10 अगस्त को दर्ज दोनों केस में अब तक पुलिस की ओर से की गयी कार्रवाई, 31 जनवरी 2022 को मामले में न्यायालय में समर्पित किए गए चार्जशीट के बारे में जानकारी मांगी है. 2022 में एडीजी एटीएस जिले के साइबर फ्रॉड के इस बड़े कांड की समीक्षा की थी. उन्होंने बंगाल व बेंगलुरु के फ्रॉड को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था . आर्थिक अपराध इकाई पटना की टीम भी दो बार नगर थाने आकर केस के संबंध में पूरी जानकारी ली थी. पुलिस इसकांड में पीएनबी के साइंस कॉलेज शाखा के कैशियर नीतीश कुमार सिंह, जफर इकबाल, राजेश कुमार, मंजय समेत सात के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दायर कर चुकी है. पीएनबी फ्रॉड केस की पूरी डिटेल इडी की टीम भी ले गयी थी. अब इडी ने अपनी जांच तेज कर दी है.
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