मुजफ्फरपुर से चंदन सिंह की रिपोर्ट
Boss Scam: साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है. अब वे बैंक अधिकारी या पुलिसकर्मी बनकर नहीं, बल्कि आपके ‘बॉस’ बनकर व्हाट्सएप पर पैसे मांग रहे हैं. वरिष्ठ अधिकारी, प्राचार्य और सरकारी अफसरों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर कर्मचारियों को तत्काल रुपये ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. इस नए साइबर फ्रॉड को ‘बॉस स्कैम’ (Boss Scam) कहा जा रहा है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने इसे लेकर एडवाइजरी जारी की है. वहीं, मुजफ्फरपुर पुलिस और जिला साइबर सेल ने भी व्यापारियों, शिक्षण संस्थानों और सरकारी कार्यालयों को सतर्क रहने की सलाह दी है. जिले में भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, हालांकि समय रहते सतर्कता बरतने से कई लोग ठगी से बच गए.
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क्या है बॉस स्कैम और कैसे बनाते हैं शिकार?
साइबर अपराधी सबसे पहले किसी संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, स्कूल के प्राचार्य या सरकारी अफसर की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल तैयार करते हैं. कई मामलों में वे संबंधित व्यक्ति का व्हाट्सएप अकाउंट भी हैक कर लेते हैं.
इसके बाद संस्थान के अकाउंट्स या फाइनेंस विभाग के कर्मचारियों से संपर्क कर इमरजेंसी पेमेंट, फंड ट्रांसफर या गोपनीय सरकारी काम का हवाला देते हुए तुरंत रुपये भेजने का दबाव बनाते हैं.
कई बार कर्मचारी को लिंक या फाइल भेजी जाती है. उस पर क्लिक करते ही व्हाट्सएप सेशन और मोबाइल डिवाइस हैकर्स के नियंत्रण में पहुंच सकता है.
मुजफ्फरपुर में सामने आए दो मामले
अहियापुर थाना क्षेत्र के सहबाजपुर निवासी एक सरकारी शिक्षक को उनके स्कूल के प्राचार्य के नाम से व्हाट्सएप संदेश भेजकर 30 हजार रुपये की मांग की गई. शिक्षक ने रुपये भेजने से पहले प्राचार्य के वास्तविक नंबर पर फोन किया तो पता चला कि उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो चुका है.
इसी तरह जिले के एक पुलिस कार्यालय में तैनात महिला दारोगा का व्हाट्सएप एक संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के बाद हैक हो गया. साइबर अपराधियों ने उनके नाम से परिचितों से रुपये मांगने शुरू कर दिए. बाद में महिला दारोगा ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से किसी भी तरह का भुगतान नहीं करने की अपील की.
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ऐसे बच सकते हैं बॉस स्कैम से
- किसी भी अर्जेंट फाइनेंशियल रिक्वेस्ट को पहले फोन करके सत्यापित करें.
- केवल व्हाट्सएप मैसेज के आधार पर पैसे ट्रांसफर न करें.
- किसी भी अनजान लिंक, फाइल या एप्लिकेशन को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें.
- व्हाट्सएप के Linked Devices सेक्शन की नियमित जांच करें.
- मोबाइल और सिस्टम को हमेशा नवीनतम सिक्योरिटी अपडेट के साथ रखें.
क्या कहते हैं साइबर विशेषज्ञ?
साइबर मामलों के जानकार अधिवक्ता अनिकेत पीयूष के अनुसार, बॉस स्कैम तेजी से बढ़ रहा है. साइबर अपराधी किसी अधिकारी की डिजिटल पहचान का दुरुपयोग कर अधीनस्थ कर्मचारियों का विश्वास जीतते हैं और इमरजेंसी का बहाना बनाकर ठगी करते हैं. उनका कहना है कि किसी भी वित्तीय निर्देश पर कार्रवाई करने से पहले संबंधित अधिकारी से सीधे फोन पर पुष्टि जरूर करनी चाहिए.
