बैंक हड़ताल से परेशानी में आए लोग, अधिकांश ब्रांच में लटके रहे ताले, जानिए क्या रही वजह

मुजफ्फरपुर में बैंक हड़ताल से आम ग्राहकों और कारोबारियों की परेशानी बढ़ गयी. अधिकांश शाखाओं में ताले लटके रहे और जरूरी बैंकिंग काम प्रभावित हुए. कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अंचल और क्षेत्रीय कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया.

बैंक हड़ताल: विभिन्न लंबित मांगों को लेकर बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल का मुजफ्फरपुर में व्यापक असर देखने को मिला. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के बैनर तले बैंककर्मियों ने कामकाज ठप रखा और शहर के प्रमुख बैंकों के अंचल व मंडल कार्यालयों के सामने प्रदर्शन किया. हड़ताल के कारण आम ग्राहकों के साथ कारोबारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.

बैंक कार्यालयों के बाहर जमकर नारेबाजी

हड़ताल के समर्थन में बैंक कर्मचारी और अधिकारी शुक्रवार सुबह से ही सड़कों पर उतर गये. शहर स्थित प्रमुख बैंकों के अंचल और क्षेत्रीय कार्यालयों के मुख्य द्वार पर कर्मचारी एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की.

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बैंक प्रबंधन और सरकार की ओर से कर्मचारियों की वाजिब मांगों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है. इसी वजह से कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है.

अधिकांश बैंक शाखाओं में बंद रहा कामकाज

हड़ताल के कारण जिले की अधिकांश राष्ट्रीयकृत और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा. बैंक बंद रहने से चेक क्लियरेंस, नकद जमा-निकासी और ड्राफ्ट से जुड़े कार्य नहीं हो सके.

ऑनलाइन और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं कई जगह उपलब्ध रहीं. कुछ स्थानों पर एटीएम भी चालू रहे, लेकिन नकद निकासी और बैंक से जुड़े जरूरी काम के लिए शाखाओं पर निर्भर ग्राहकों को परेशानी हुई.

कारोबारियों को भी उठानी पड़ी परेशानी

बैंक शाखाओं के बंद रहने का असर कारोबारी गतिविधियों पर भी पड़ा. नकद जमा-निकासी और चेक से जुड़े काम प्रभावित होने के कारण कारोबारियों को दिनभर परेशानियों का सामना करना पड़ा.

ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं के लिए दूसरे विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ा. यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है.

पांच दिन बैंकिंग समेत ये हैं प्रमुख मांगें

प्रदर्शन कर रहे बैंक यूनियन नेताओं ने कर्मचारियों की कई लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया. इनमें सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग शामिल है.

इसके अलावा पेंशन अपडेट करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और बैंकों में पर्याप्त संख्या में नये पदों पर बहाली की मांग की गयी. कर्मचारियों ने ग्राहक सेवा व्यवस्था में सुधार के साथ काम के दबाव को कम करने की भी मांग रखी.

मांगें नहीं मानी गयीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

यूनियन नेताओं ने कहा कि बैंक कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान जल्द किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है, जबकि पर्याप्त मानव संसाधन की कमी बनी हुई है.

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा. इससे बैंकिंग सेवाओं पर पड़ने वाले असर को लेकर आम ग्राहकों और कारोबारियों की चिंता भी बढ़ सकती है.

यह भी पढ़ें:

मुजफ्फरपुर में SBI अंचल कार्यालय पर बैंककर्मियों का हल्लाबोल, मांग पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Kumar gaurav

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >