Aaj Ka Darshan: शहर के प्रसिद्ध गरीबनाथ मंदिर में शनिवार 13 जून को सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. बाबा गरीबनाथ का विशेष शृंगार लाल गुलाब, गेंदा की मालाओं और बेलपत्र से किया गया. मंगला आरती के बाद दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों के लिए गर्भगृह खोल दिया गया, जहां दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा.
पंचामृत स्नान के बाद हुआ भव्य शृंगार
अहले सुबह सेवइत परिवार के पं. बच्चा पाठक ने विधि-विधान से बाबा का पूजन किया. पूजा से पहले दूध, दही, घी, शक्कर और गंगाजल से बाबा का स्नान कराया गया. इसके बाद षोड्शोपचार पूजन संपन्न हुआ.
पूजन के उपरांत बाबा गरीबनाथ को लाल गुलाब, गेंदा की मालाओं और बेलपत्र से आकर्षक रूप से सजाया गया, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया.
मंगला आरती में गूंजा मंदिर परिसर
विशेष शृंगार के बाद थाल में अग्नि प्रज्वलित कर मंगला आरती की गई. इस दौरान श्रद्धालुओं ने ताली-कीर्तन और भगवान शिव के जयघोष के साथ आराधना की.
सुबह जलाभिषेक के लिए पहुंचे भक्तों ने बाबा के दिव्य स्वरूप का दर्शन किया और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया.
दिनभर जारी रहेगा दर्शन और पूजन
आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह खोल दिया गया. मंदिर परिसर में जलाभिषेक और विशेष पूजा कराने वाले भक्तों की संख्या भी काफी अधिक रही.
दोपहर ढाई बजे मंदिर के प्रधान पुजारी पं. विनय पाठक विशेष पूजा और आरती करेंगे. इसके बाद बाबा के शयन के लिए गर्भगृह का कपाट बंद कर दिया जाएगा.
शाम चार बजे पुनः गर्भगृह खोला जाएगा, जहां रात्रि नौ बजे तक श्रद्धालु दर्शन और पूजन कर सकेंगे.
रात्रि आरती में होगा विशेष पुष्प शृंगार
रात्रि साढ़े नौ बजे सेवइत परिवार के पं. बैजू पाठक और पं. आशुतोष पाठक बाबा का विशेष पुष्प शृंगार करेंगे. इसके बाद प्रधान आरती संपन्न होगी और फिर गर्भगृह का कपाट बंद कर दिया जाएगा.
एक नजर में: गरीबनाथ मंदिर का आज का कार्यक्रम
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| स्थान | गरीबनाथ मंदिर, मुजफ्फरपुर |
| तिथि | 13 जून 2026 |
| विशेष शृंगार | लाल गुलाब, गेंदा और बेलपत्र |
| सुबह की पूजा | षोड्शोपचार पूजन एवं मंगला आरती |
| दोपहर आरती | 2:30 बजे |
| शाम दर्शन | 4 बजे से |
| रात्रि प्रधान आरती | 9:30 बजे |
महत्वपूर्ण बातें
- बाबा गरीबनाथ का लाल गुलाब और बेलपत्र से विशेष शृंगार किया गया.
- मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह खोला गया.
- जलाभिषेक और विशेष पूजन के लिए दिनभर भक्तों की भीड़ रही.
- दोपहर ढाई बजे विशेष पूजा और आरती होगी.
- रात्रि साढ़े नौ बजे प्रधान आरती और पुष्प शृंगार किया जाएगा.
