एस्सेल ऑफिस में तालाबंदी, जीएम से हाथापाई

हंगामा. माड़ीपुर ऑफिस में सीइओ, जीएम समेत अन्य अधिकारियों के साथ बकझक मुजफ्फरपुर : करीब छह माह से पंद्रह करोड़ रुपये बकाया भुगतान की मांग पर अड़े एस्सेल के वेंडरों ने बुधवार को हंगामा किया. आक्रोशित वेंडरों ने माड़ीपुर समेत एस्सेल के भगवानपुर, तिलक मैदान एवं रामदयालुनगर ऑफिस में अनिश्चितकालीन के लिए तालाबंदी कर दी, […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

हंगामा. माड़ीपुर ऑफिस में सीइओ, जीएम समेत अन्य अधिकारियों के साथ बकझक

मुजफ्फरपुर : करीब छह माह से पंद्रह करोड़ रुपये बकाया भुगतान की मांग पर अड़े एस्सेल के वेंडरों ने बुधवार को हंगामा किया. आक्रोशित वेंडरों ने माड़ीपुर समेत एस्सेल के भगवानपुर, तिलक मैदान एवं रामदयालुनगर ऑफिस में अनिश्चितकालीन के लिए तालाबंदी कर दी, हालांकि विद्युत आपूर्ति को इससे अलग रखा गया है.
इससे करीब लाखों रुपये का नुकसान हुआ है.
माड़ीपुर ऑफिस में तालाबंदी से मना करने पर एस्सेल के सीइओ आलोक कौशिक व जीएम कॉरपोरेट आशीष राजदान को जबरन ऑफिस से बाहर निकाल दिया गया. इन अधिकारियों व वेंडरों के बीच हाथापाई भी हुई. हालांकि, मौके पर मौजूद अधिकारी व कर्मचारियों ने हस्तक्षेप के बाद किसी तरह मामला को शांत कराया, लेकिन दिनभर वेंडर एस्सेल के चाराें ऑफिस में तालाबंदी करने के बाद माड़ीपुर ऑफिस में धरना-प्रदर्शन पर बैठे रहे.
कंपनी के सीइओ व फाइनेंस हेड ने वेंडरों से दो-दो बार वार्ता की, लेकिन दोनों बार वार्ता विफल रहा. वेंडर बकाया राशि भुगतान करने की आखिरी तिथि तय करने के साथ कुछ अन्य शर्तों को लिखित देने पर अड़े हुए हैं. जिससे अधिकारियों ने इनकार कर दिया. शाम पांच बजे हुई वार्ता के दौरान आम उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो. इसको देखते हुए वेंडरों ने लाइन मैन व पावर सब स्टेशन में ऑपरेटर की तैनाती करने पर राजी हुये.
जेइ व एरिया मैनेजर के सहारे चला पावर सब स्टेशन. वेंडरों के हड़ताल पर रहने व ऑफिस में तालाबंदी किये जाने के बाद बुधवार को दिनभर शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक के विद्युत आपूर्ति पर भी असर पड़ा है. पावर सब स्टेशन में पहले से तैनात सभी ऑपरेटर व लाइन मैन भी हड़ताल पर रहे. इस कारण लोड सेंडिंग व ब्रेक डाउन होने पर एस्सेल को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. इसके लिये एस्सेल ने पहले ही सभी पावर सब स्टेशनों पर ऑपरेशन व मेंटेनेंस सेल से जुड़े कर्मचारियों के साथ जूनियर इंजीनियर व एरिया मैनेजर को तैनात कर दिया गया,
लेकिन शाम होते-होते जब लगातार ड्यूटी से इन लोगों की परेशानी बढ़ी, तब एस्सेल अधिकारियों ने आनन-फानन में किसी तरह ऑपरेटर व लाइन मैन मुहैया कराने वाले वेंडरों को मान-मनौव्वल कर इनकी ड्यूटी लगाने की बात बनी.
कस्टमर केयर ऑफिस में भी लटका ताला. भगवानपुर पांडेय मोटर्स स्थित एस्सेल के कस्टमर केयर ऑफिस में भी ताला लटक गया है. वहां कार्यरत लड़कियों को बाहर निकालकर ताला जड़ दिया. कुछ अधिकारियों ने जब इसका विरोध किया.
इन शर्तों के कारण वार्ता रही विफल
बकाया भुगतान को क्लियर करने के साथ एक साल तक करें कार्य का विस्तार
एक साल तक किसी भी वेंडर पर कार्रवाई नहीं करने का लिखित आश्वासन
लाइन मैन व ऑपरेटर के मानदेय में वृद्धि करने का लिखित आश्वासन
एक साल तक दूसरी एजेंसी या नया वेंडर के साथ कंपनी नहीं करें कोई एग्रीमेंट
काम करने के साथ समय से राशि का करें भुगतान
एस्सेल उपभोक्ताओं के साथ अपने वेंडरों का हमेशा ख्याल रखते आ रहा है. वेंडरों के भुगतान की जो प्रक्रिया है. वह पहले से काफी बेहतर हुआ है. मई 2016 तक जितनी भी राशि बकाया है. उन राशि के भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ हो गयी है. दो दिनों में 90 लाख रुपये वेंडरों के एकाउंट में ट्रांसफर कर दिया गया है. बाकी जो शेष राशि है. उसे जल्द ही ट्रांसफर कर दिया जायेगा. वेंडर जिस तरह विद्युत आपूर्ति को हड़ताल से मुक्त रखे हुए है. ठीक उसी तरह अन्य कार्य को भी मुक्त करते हुए सुचारु रूप से कंपनी के कार्य करने में मदद करेंगे. यह उम्मीद करते हैं.
 राजेश कुमार चौधरी, पीआरओ एस्सेल
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