यह नजारा है गोविंदगंज प्रखंड के फायर ब्रिगेड यूनिट का, जहां फायर ब्रिगेड की गाडि़यों में बाल्टी से लाकर पानी भरा जाता है. ऐसे में यह स्वभाविक तौर पर अनुमान लगाया जा सकता है कि क्षेत्र में अगलगी की घटना होने पर उससे कैसे निबटा जायेगा. यह कुव्यवस्था तब है, जब चैत माह में अगलगी की घटनाएं सर्वाधिक होती हैं. वैसे यहां के फायर ब्रिगेड प्रभारी धर्मदेव सिंह का कहना है कि उनकी टीम किसी भी आपात स्थिति से निबटने के लिए 24 घंटे तैयार रहती है. लेकिन उनके दावों में कितनी सच्चाई है कि यह तो घटना के दिन ही पता चल सकता है. क्योंकि बहुतेरे बार ऐसा देखा गया है कि अगलगी में लोगों का सबकुछ जल जाने के बाद ही फायर ब्रिगेड महज खानापूर्ति करने के लिए पहुंचती है.
फायर ब्रिगेड में बाल्टी से भरा जाता है पानी
यह नजारा है गोविंदगंज प्रखंड के फायर ब्रिगेड यूनिट का, जहां फायर ब्रिगेड की गाडि़यों में बाल्टी से लाकर पानी भरा जाता है. ऐसे में यह स्वभाविक तौर पर अनुमान लगाया जा सकता है कि क्षेत्र में अगलगी की घटना होने पर उससे कैसे निबटा जायेगा. यह कुव्यवस्था तब है, जब चैत माह में अगलगी […]
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