Women trafficking case: मुजफ्फरपुर जिले के मुशहरी थाना क्षेत्र से जुड़ी एक गंभीर घटना में स्थानीय अदालत ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-तीन सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने महिलाओं को अगवा कर किशनगंज में देह व्यापार कराने के एक पुराने मामले में दो दोषी महिलाओं को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही दोनों पर 77 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है.
फरवरी 2025 में समस्तीपुर स्टेशन से हुई थी लापता
यह पूरा मामला फरवरी 2025 का है, जब मुशहरी की रहने वाली एक महिला हरियाणा जाने के लिए अपने घर से निकली थी, लेकिन वह समस्तीपुर रेलवे स्टेशन से रहस्यमय तरीके से लापता हो गई थी. इसी दौरान रैकेट से जुड़ी एक महिला ने पीड़िता को अपने जाल में फंसा लिया और झांसे में लेकर उसे सीधे किशनगंज पहुंचा दिया, जहां उसे बंधक बना लिया गया.
लाडली बेगम और गुड़िया देवी के जरिए चल रहा था धंधा
किशनगंज पहुंचने के बाद मुख्य आरोपित लाडली बेगम और उसकी बेटी गुड़िया देवी के जरिए पीड़ित महिला से जबरन देह व्यापार कराया जाने लगा. इस दर्दनाक स्थिति से परेशान होकर पीड़िता ने किसी तरह एक दिन मौका पाकर अपने परिजनों को फोन पर पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर तुरंत हरकत शुरू हुई.
पुलिस छापेमारी और अदालत का ऐतिहासिक फैसला
परिजनों से सूचना मिलने पर पुलिस ने किशनगंज के संदिग्ध अड्डों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पीड़ित महिला समेत कई अन्य लड़कियों को भी सुरक्षित मुक्त करा लिया तथा मौके से दोनों आरोपित महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया था. अदालत ने सभी साक्ष्यों के आधार पर दोनों को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई है.
यह भी पढ़ें...अहियापुर थाना क्षेत्र के बाउंड्री तोड़ रंगदारी मामले में अप्राथमिकी अभियुक्त गिरफ्तार, कोर्ट से मिली राहत
