मुजफ्फरपुर : जमीन की जमाबंदी का कंप्यूटराइजेशन का काम जल्द पूरा करने के लिए एक कैलेंडर तैयार किया गया था. इसमें मौजा वार व हल्का वार काम पूरा करने का दायित्व बांटा गया. लेकिन जिले में जमाबंदी की इंट्री काम काफी धीमी गति से चल रहा है. अबतक छह लाख जमाबंदी की इंट्री नहीं हो पायी है. जिले में कुल जमाबंदी 19 लाख 24 हजार 183 है. इनमें से 13,14,473 जमाबंदी का कंप्यूटराइजेशन किया गया है.
जमीन की जमाबंदी ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू होते ही जमीन का भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र (एलपीसी) व लगान भी ऑनलाइन जमा हो पायेगा. सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में 46 अंचलों में ऑनलाइन दाखिल-खारिज शुरू करने का निर्णय लिया है. इसी साल अगस्त तक इन अंचलों में ऑनलाइन की प्रक्रिया शुरू करने का काम पूरा करने का लक्ष्य है. इस लक्ष्य को तय मान कर जमीन की जमाबंदी के कंप्यूटराइजेशन के काम को अंतिम रूप दिया जा रहा है. सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है.
राजस्व व भूमि सुधार विभाग ने ऑनलााइन दाखिल-खारिज करने की प्रक्रिया को समय पर पूरा कराने के लिए पूरी मुस्तैदी से मॉनीटरिंग करने को कहा गया है. जमाबंदी पंजी का कंप्यूटराइजेशन होने से एक क्लिक पर जमीन की सारी जानकारी मिलेगी. नयी व्यवस्था होने से जमीन मालिक को खतियान का नकल मिलने में सुविधा होगी. उन्हें अपनी जमीन पर दावा संबंधित सर्टिफिकेट के अलावा जमीन के उस हिस्से का नक्शा सुलभ कराना आसान होगा. जमीन की खरीदारी करने पर जमीन के बारे में पूरा ब्योरा मिलेगा. लगान ऑनलाइन जमा हो पायेगा.
