बालिका गृह के संरक्षक ब्रजेश सहित 8 महिला कर्मियों को जेल

मुजफ्फरपुर : बालिका गृह की बच्चियों के साथ लैंगिंग दुर्व्यवहार के मामले में रविवार को पुलिस ने ब्रजेश ठाकुर सहित वहां कार्यरत आठ महिला कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. सिटी एसपी यूएन वर्मा ने बताया कि पटना, मोकामा व मधुबनी में रह रही 44 बच्चियों का अलग -अलग बयान दर्ज किया गया है. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
मुजफ्फरपुर : बालिका गृह की बच्चियों के साथ लैंगिंग दुर्व्यवहार के मामले में रविवार को पुलिस ने ब्रजेश ठाकुर सहित वहां कार्यरत आठ महिला कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. सिटी एसपी यूएन वर्मा ने बताया कि पटना, मोकामा व मधुबनी में रह रही 44 बच्चियों का अलग -अलग बयान दर्ज किया गया है.
बयान की वीडियोग्राफी करायी गयी है. पूछताछ में बच्चियों ने लैंगिंग दुर्व्यवहार की पुष्टि करते हुए कई अहम खुलासे किये हैं, जिसके आधार पर जांच हो रही है. इन तीनों जगहों पर गयी पुलिस दो टीमें अभी नहीं लौटी हैं. लेकिन, वहां दर्ज किये गये बयान की वीडियो फुटेज मंगायी गयी है. इसी आधार पर इन सभी आरोपितों को जेल भेजा गया है. बता दें कि बाल संरक्षक इकाई के सहायक निदेशक दिवेश कुमार ने महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. सेवा संकल्प एवं विकास
देखें पेज सात भी बालिका गृह के
बालिका गृह संचालित है बालिका गृह जाकर शनिवार को खुद एसएसपी हरप्रीत कौर ने पूरे मामले की छानबीन की थी. ब्रजेश ठाकुर सहित सभी आठ आरोपितों से पुलिस ने शनिवार को पूरे दिन पूछताछ की.
सफेदपोशों की भी होगी गिरफ्तारी
बच्चियों से पूछताछ में ब्रजेश ठाकुर के कई और सफेदपोशों के नाम सामने आये है. पुलिस उन सभी नामों के सत्यापन में जुटी है. सिटी एसपी ने कहा कि वहां कार्यरत कर्मचारियों के बारे में भी जानकारी जुटायी जा रही है.जांच प्रभावित होने के कारण कई बातों का खुलासा नहीं किया जा रहा है. एसडीओ को बालिका गृह सील करने के लिए पत्र भेजा गया है. सोमवार को सील करने की कार्रवाई की जायेगी.
नहीं मिली विस्तृत रिपोर्ट
समाज कल्याण विभाग ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (मुंबई) की कोशिश टीम से बालिका गृह का ऑडिट करायी थी. ऑडिट रिपोर्ट में बालिका गृह के बच्चियों के साथ लैंगिंग दुर्व्यवहार किये जाने का खुलासा होने के बाद महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी. इसके पूर्व वहां आवासित 44 बच्चियों को पटना,मोकामा और मधुबनी भेजा गया है. महिला थाने की पुलिस ने सहायक निदेशक से विस्तृत रिपोर्ट की मांग की है, लेकिन रविवार की देर रात तक रिपोर्ट पुलिस को नहीं मिली थी.
इन धाराओं में दर्ज है प्राथमिकी
महिला थाने में पॉस्को एक्ट की धारा 4,6,8,10,12 के अलावा आईपीसी की धारा 376,120बी व 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज है. महिला थानेदार ज्योति कुमारी केस की आईओ है.
इनकी हुई गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस ने ब्रजेश ठाकुर के साथ ही बालिका गृह में कार्यरत किरण कुमारी (चकना, सरैया), चंदा कुमारी(छोटी कल्याणी,नगर),मंजू देवी (रामबाग), इंदु कुमारी (संजय सिनेमा रोड, ब्रह्मपुरा), हेमा मसीह (पुरानी गुदरी, नगर),मीनू देवी (रामपुर एकमा,सारण),नेहा (मालीघाट,मिठनपुरा) की गिरफ्तारी की है.
महिला आयोग ने कहा, जेल से भी बदतर व्यवस्था
महिला आयोग की अध्यक्ष दिलमणि मिश्रा इस मामले की जांच के सिलसिले में रविवार की दोपहर परिसदन पहुंचीं. उनके साथ आयोग के कई सदस्य भी थे. आयोग ने सिटी एसपी, नगर डीएसपी व बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक से पूछताछ की. तीनों अधिकारियों से बालिका गृह प्रकरण की जानकारी लेने के बाद कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया. दाेपहर बाद अध्यक्ष ने बालिका गृह पहुंच कर वहां की स्थिति का जायजा लिया और कहा कि यहां की व्यवस्था जेल से भी बदतर है.
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