मुजफ्फरपुर : किसी ने सराहा तो किसी ने नकारा

मुजफ्फरपुर : बिहार बजट पर अलग वर्ग के लोगों की अपनी अलग प्रतिक्रिया है. किसी ने बजट को सराहा तो किसी ने सीधे इसको नकार दिया. कुछ कहना था कि आज नये विवि खोलने की बात कही जा रही है. पहले से जो सरकारी स्कूल है उसकी व्यवस्था में सुधार कर दिया जाये तो बहुत […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
मुजफ्फरपुर : बिहार बजट पर अलग वर्ग के लोगों की अपनी अलग प्रतिक्रिया है. किसी ने बजट को सराहा तो किसी ने सीधे इसको नकार दिया. कुछ कहना था कि आज नये विवि खोलने की बात कही जा रही है. पहले से जो सरकारी स्कूल है उसकी व्यवस्था में सुधार कर दिया जाये तो बहुत सी समस्या हल जो जायेगी. आम लोगों को बजट में महंगाई से राहत की उम्मीद होती है, लेकिन दिनों दिन महंगाई बढ़ती जा रही है. सरकार की घोषणाएं तो बहुत होती है लेकिन धरातल पर वह नहीं उतर पाती है.यह बजट आमलोगों की हित से जुड़ा है. सड़क, शिक्षा व बिजली पर विशेष रूप से फोकस किया गया है.
बेबी कुमारी, विधायक, बाेचहां
बजट ठीक-ठाक है, लेकिन इसमें व्यवसाय वर्ग के लिए कुछ खास नहीं है, खासकर के सर्राफा व्यवसायियों के लिए. आम जनता के खुशहाली से ही सभी को लाभ है. व्यवसाय तभी आग बढ़ता है जब आम वर्ग खुशहाल हो, लेकिन दिनों दिन आम जनता महंगाई के बोझ तले दबी जा रही है.
सुरेश ठाकुर, अध्यक्ष, सर्राफा संघ
आमलोगों की जरूरत पर किसी का कोई ध्यान नहीं है. आज इतनी महंगाई है, विकास का काम ठप पड़ा हुआ है. लेकिन इस पर किसी का ध्यान नहीं है. सड़कें बनेंगी, बनती भी है, लेकिन बनने के साथ टूटने लगती है. वर्तमान में जो भी व्यवस्था है उसे तो सरकार पहले दुरुस्त करे, इस पर कोई चर्चा नहीं .
सचिन कुमार, किराना व्यवसायी
सरकार का बजट बेहतर है, बस जरूरत है जो घोषणाएं हुई है उसे सही से धरातल पर उतारा जाये. ताकि आमलोगों को उसका लाभ मिल सके. आम आदमी की मूलभूत जरूरत के सामान पर मूल्य नियंत्रण हो जाये तो काफी हद तक काफी समस्याओं का समाधान अविलंब हो जायेगा.
सज्जन शर्मा, प्रवक्ता, चैंबर ऑफ कॉमर्स
सरकार का बजट बस कागज पर सीमित है. जिस नियोजित शिक्षक की बदौलत आज सरकारी स्कूल का वजूद है. उन शिक्षकों सही वेतन नहीं मिलता, जो मिलता है तो वह लेट से. शिक्षा पर इतना खर्च होगा, पहले से शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षक व कर्मी की कमी है और अब नये खाेलने की बात कह रहे है.
डॉ प्रभात रंजन कुमार
एसकेएमसीएच में आई बैंक की मंजूरी मिलने के बाद अस्पताल उपाधीक्षक ने सरकार की पहल को सराहनीय बताया. कई माह से इसके लिए पहल की जा रही थी. बीएमएसआइसीएल भवन निर्माण करेगा. आई बैंक होने से उत्तर बिहार के कई जिले के लोगों को इससे फायदा होगा.
डॉ सुनील शाही, उपाधीक्षक, एसकेएमसीएच
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