बीआरएबीयू: विभागों से मांगा गया सीटों का ब्योरा, चार साल बाद प्री-पीएचडी टेस्ट की हो रही तैयारी

मुजफ्फरपुर: बीआरए बिहार विवि में चार सालों के बाद प्री-पीएचडी टेस्ट की तैयारी शुरू कर दी गयी है. उम्मीद है कि इस साल विवि प्री-पीएचडी टेस्ट लेगा. इसके लिए विवि ने पीजी के सभी विभागों से सीटों का ब्योरा मांगा है. चार सालों से प्री-पीएचडी टेस्ट नहीं होने से सभी विभागों में अच्छी-खासी सीटें रिक्त […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
मुजफ्फरपुर: बीआरए बिहार विवि में चार सालों के बाद प्री-पीएचडी टेस्ट की तैयारी शुरू कर दी गयी है. उम्मीद है कि इस साल विवि प्री-पीएचडी टेस्ट लेगा. इसके लिए विवि ने पीजी के सभी विभागों से सीटों का ब्योरा मांगा है. चार सालों से प्री-पीएचडी टेस्ट नहीं होने से सभी विभागों में अच्छी-खासी सीटें रिक्त हैं.
हर साल लौट जाती है शोध के लिए मिली करोड़ों की राशि : प्री-पीएचडी टेस्ट नहीं होने से शोध के नाम पर मिलनेवाली करोड़ों की राशि हर साल लौट रही है. इससे विवि को काफी नुकसान हो रहा है. पीएचडी नहीं होने से विवि में शोध कार्य तो प्रभावित हो ही रहा है, साथ ही विवि को नैक की ग्रेडिंग में भी काफी नुकसान होगा.
दूसरे विवि की ओर रुख कर रहे हैं छात्र : विवि में चार सालों से प्री-पीएचडी टेस्ट नहीं होने से छात्र दूसरे विवि की ओर पलायन कर रहे हैं. इससे विवि को काफी घाटा सहना पड़ रहा है. लेकिन विवि ने इन चार सालों में इसके लिए कोई पहल नहीं की.
चार साल पहले हुआ था प्री-पीएचडी टेस्ट : चार साल पहले विवि में प्री-पीएचडी टेस्ट हुआ था. इसमें जमकर गड़बड़ी हुई थी. इसमें पास को फेल, फेल को पास करने का मामला प्रकाश में आया था. इस पर विवि ने कमेटी बनाकर मामले की जांच की बात कही थी, लेकिन चार साल बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है.
विवि ने प्री-पीएचडी टेस्ट की तैयारी शुरू कर दी है. उम्मीद है कि इस साल विवि में प्री-पीएचडी टेस्ट जरूर होगा. इसके लिए संबंधित विभाग से जानकारी भी मांगी गयी है.
डॉ अमरेंद्र नारायण यादव, वीसी
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